अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ी हर ख़बर बिकती है। यहां तक की अफ़वाह भी। शुक्रवार को भी न्यूज़ चैनलों पर दाऊद और उसके भाई अनीस इब्राहिम के नाम पर एक ड्रामा दिन भर चला। प्रश्नचिन्ह (?) और विस्मय बोधक चिन्ह (!) लगा कर सनसनी फैलाई जाती रही। चीख-चीख कर कहा गया कि कराची में एक हमले में अनीस इब्राहिम बुरी तरह घायल है और दाऊद को भी गोलियां लगी हैं। सनसनी फैलाने में सभी चैनल जुटे थे। कुछ चैनल थोड़ा एहतियात के साथ ख़बर बेच रहे थे जबकि कुछ तो एक तरीके से ख़बर की पुष्टि करते नज़र आए।
चर्चा आगे बढ़ाने से पहले कुछ ब्रेकिंग न्यूज़ के कुछ वाक्यों पर नज़र डालिये। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद का भाई अनीस बुरी तरह घायल!… कराची में हुए हमले में अनीस घायल? … अनीस को लगी 12 गोलियां… कराची में मारी गई गोलियां… एटीएम के बाहर मारी गईं गोलियां… गोलीबारी में दाऊद भी जख़्मी! …. बलूच गिरोह ने मारी गोलियां… एक अख़बार के हवाले से ख़बर…. डी कंपनी में हड़कंप… वगैरह .. वगैरह।
सबसे पहले ये ख़बर एक अख़बार ने छापी। उसके बाद न्यूज़ चैनल बिना पुष्टि किये इस ख़बर पर चढ़ गए। न्यूज़ रूम में खेल जाओ, छा जाओ के नारे लगे होंगे और उसके बाद खेल शुरू हो गया। पहले एक चैनल, फिर दूसरा, फिर तीसरा … थोड़ी देर में सारे न्यूज़ अटकलें लगा रहे थे। थोड़ा अलग होने का दावा करने वाले अंग्रेजी चैनल भी पीछे नहीं रहे। कोई हमला करने वाले बलूच गिरोह की ताक़त को बयां कर रहा था। कोई इसे वर्चस्व की लड़ाई बता रहा था। मजेदार तो ये रहा कि न्यूज़ चैनल दाऊद की बहन के वकील का फोनो भी चला रहे थे, जिसमें उन्होंने इस ख़बर को ग़लत बताया। मगर इससे न्यूज़ चैनलों के हौसले पस्त नहीं हुए। मुंबई में बैठ कर उनके संवाददाता ऐसे ब्योरा दे रहे थे जैसे कराची में उनके सामने बलूच गिरोह ने दाऊद और अनीस इब्राहिम को अपना शिकार बना लिया। ये भी बता रहे थे कि इससे डी कंपनी को कितना आघात पुहंचेगा और उसके विरोधियों को कितना फायदा। एक रिपोर्टर का फोन कटता, तो दूसरा शुरू हो जाता।
स्क्रीन पर चल रही इस नौटंकी के साथ सबकी कोशिश थी कि किसी तरह दाऊद के गुर्गों से संपर्क हो जाए। डी कंपनी का कोई भी स्रोत इस ख़बर की पुष्टि कर देगा तो लीड मिल जाएगी। इसमें कामयाबी मिली आज तक को। दाऊद पर स्पेशलाइजेशन कर चुके दीपक शर्मा उसके छोटे भाई अनीस को पकड़ने में कामयाब हो गए। उनसे अनीस इब्राहिम ने अपने सेटलाइट फोन पर बात की और कहा कि मैं ज़िंदा हूं। एक एयरक्राफ्ट में था इसलिए फोन बंद था। दाऊद भी सुरक्षित है।
इस बातचीत के बाद भी कुछ देर तक दूसरे चैनल हमले की ख़बर चलाते रहे। लेकिन जल्दी ही उन्हें एहसास हो गया कि बाजी आज तक के हाथ लग गई है और इस ख़बर में कोई दम नहीं। फिर धीरे धीरे ये ख़बर उतार ली गई। इस पूरे प्रकरण से एक पुरानी कहावत याद आ गई – “खेला खतम पैसा हजम”।
Recent Comments