जर्मनी के शहर बॉन में तीसरा ग्लोबल मीडिया फोरम शिक्षा को बढ़ावा देने और संयम से पत्रकारिता करने के संदेश के साथ शुक्रवार को समाप्त हुआ। फोरम में 90 देशों के प्रतिष्ठित पत्रकारों ने मीडिया की चुनौतियों पर चर्चा की।
ग्लोबल मीडिया फोरम के तीसरे और आख़िरी दिन शुक्रवार को 90 देशों के 1200 से ज़्यादा पत्रकार एक मंच पर फिर इकट्ठा हुए। इस संदेश के साथ कि मीडिया को शिक्षा के प्रति लोगों को जागरुक करना चाहिए ताकि लोग उनकी बात समझ सकें और उन तथ्यों और सूचनाओं के आधार पर अपनी राय बना सकें।
शुक्रवार को डॉएचे वेले के महानिदेशक एरिक बेटरमैन ने अपने समापन भाषण में कहा कि पेशे के प्रति ईमानदारी मीडियाकर्मियों को कई चुनौतियों से लड़ने की ताकत हमेशा देती रहेगी।
शिक्षा की अहम भूमिका के बारे में एरिक बेटरमैन ने कहा, ”मुझे लगता है कि दुनिया में कम विरोध और संघर्ष होना चाहिए. इसके लिए लोगों का पढ़ना, लिखना और चीजों को जानना महत्वपूर्ण हो जाता है। जो पढ़ नहीं सकता वो अख़बार नहीं ख़रीदता, ब्लॉग नहीं पढ़ सकता। इसलिए शिक्षा को आगे बढ़ाने में भी रेडियो और टीवी की अहम भूमिका है। लोगों के मतलब की सूचनाएं देना ज़रूरी है जिससे वो अपनी हक़ीकत समझे और अपनी राय बना सकें।”
ग्लोबल मीडिया फोरम में दुनिया भर से आए सम्मानित पत्रकारों के बीच 50 से ज़्यादा अलग अलग क़िस्म के समाचार कार्यक्रम और न्यूज़ डॉक्यूमेट्री भी पेश की गईं. इस दौरान यह भी बताया गया कि अख़बार, रेडियो और टीवी से आगे निकलकर पत्रकारिता अब कैसे इंटरनेट और मोबाइल फोन तक पहुंच गई है.
फोरम के आखिरी दिन पत्रकारिता के क्षेत्र में नए और बेहतर तरीके से काम करने वाले दस पत्रकारों को पुरस्कारों से भी नवाज़ा गया। ग्लोबाल मीडिया फोरम की सफलता के बारे में डॉएचे वेले के महानिदेशक एरिक बेटरमैन ने कहा ”ये एक दूसरी तरह का सम्मेलन था जिसमें मीडिया के प्रतिनिधियों ने वैश्विकरण के दौर में आ रही चुनौतियों पर गंभीरता और बड़ी ईमानदारी के साथ चर्चा की।”
तीसरे ग्लोबल मीडिया फोरम के समापन के साथ ही चौथे ग्लोबल मीडिया फोरम के बारे में भी कुछ अहम एलान किए गए। चौथा ग्लोबल मीडिया फोरम अगले साल 21-23 जून तक बॉन में ही होगा और इसमें चर्चा का विषय रहेगा मीडिया और ग्लोबल वॉर्मिंग।
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