ख़बर के लिए आपराधिक हथकंडे
मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक का अख़बार न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड जांच के घेरे में है। रुपर्ट मर्डोक स्टार टीवी के भी मालिक हैं। उनके अख़बार न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के ख़िलाफ ख़बरों के लिए आपराधिक हथकंडे अपनाने का आरोप है। अब मेट्रोपोलिटन पुलिस इस मामले की जांच करेगी।
द गार्डियन ने एक दिन पहले ये बड़ा खुलासा किया था। उसके मुताबिक मर्डोक की कंपनी न्यूज़ कॉर्प ने अपने रिपोर्टरों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई को रोकने के लिए 10 लाख पाउंड (करीब 8 करोड़ रुपये) खर्च किये। उसके रिपोर्टरों पर नेताओं, खिलाड़ियों और फिल्मी सितारों के मोबाइल फोन हैक करा कर निजी और गोपनीय जानकारियां जुटाने के आरोप थे। इन्हीं मामलों में उनके ख़िलाफ़ मुकदमे की धमकी दी गई थी। लेकिन न्यूज़ कॉर्प ने मोटी रकम खर्च कर अदालत से बाहर समझौता कर लिया। द गार्डियन की इस ख़बर से ब्रिटेन के मीडिया में हड़कंप मच गया है।
न्यूज़ कॉर्प के चेयरमैन और सीईओ रुपर्ट मर्डोक ने इस मामले में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। इस बारे में सवाल पूछने पर मर्डोक ने बस इतना ही कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ होता तो उन्हें इसकी ख़बर ज़रूर होती।
तेज़ हुई सियासत
द गार्डिन के इस खुलासे से ब्रिटेन में सियासत भी तेज हो गई है। वहां के विपक्षी दल कन्जर्वेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरोन के सूचना निदेशक एंडी काउलसन भी विवादों के फंस गए हैं। ख़बरों के मुताबिक जिस समय न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के रिपोर्टरों पर चर्चित लोगों के मोबाइल फोन हैक कराने के आरोप लगे थे उस वक़्त एंडी काउलसन ही अख़बार के संपादक थे।
जनवरी 2007 में न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के रिपोर्टर क्लाइव गॉडमैन को प्रिंस चार्ल्स समेत शाही परिवार के तीन कर्मचारियों का फोन हैक कराने के आरोप में जेल जाना पड़ा था। उसी विवाद के बाद एंडी काउलसन को न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के संपादक पद से इस्तीफा देना पड़ा। ताज़ा खुलासे के बाद एंडी का कहना है कि द गार्डियन ने कथित तौर पर जिस सौदे की बात की है वो उनके जाने के बाद हुआ होगा। डेविड कैमरोन ने भी एंडी का बचाव किया है।
द गार्डियन का खुलासा
इस खुलासे के मुताबिक तीन मामलों में अदालत के बाहर समझौता हुआ। इन तीनों मामलों में रुपर्ट मर्डोक के पत्रकारों ने प्राइवेट जासूसों की मदद से अनगिनत चर्चित लोगों की गोपनीय जानकारियां जमा की। मसलन उनकी कमाई और टैक्स भुगतान, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी, बैंक स्टेटमेंट और फोन बिल। कैबिनेट मंत्री, सांसद, फिल्मी सितारे और खिलाड़ी- उन रिपोर्टरों और जासूसों के निशाने पर थे।
ऐसे ही एक मामले में, 2007 में प्रोफेशनल फुटबालर्स एसोसिएशन के चीफ एक्जीक्यूटिव गॉर्डन टेलर ने अख़बार पर मुकदमा किया था। उस केस को दबाने के लिए 7 लाख पाउंड कानूनी खर्च के अलावा टेलर को जुबान बंद रखने के लिए 4 लाख पाउंड दिए गए। ऐसा करके न्यूज़ कॉर्प ने लोगों को इस मामले की भनक नहीं लगने दी। साथ ही सैकड़ों पन्नों के वो दस्तावेज़ भी दफ़न हो गए जिनसे कई और अहम खुलासे हो सकते थे।
Recent Comments