जम्मू-कश्मीर में पुलिस पत्रकारों को डराने धमकाने में जुटी है। फिलहाल उसके निशाने पर हैं एनडीटीवी के फयाज बुखारी और सीएनएस न्यूज़ के रशीद राही। पुलिस की धमकी के ख़िलाफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने मिल कर एक बयान जारी किया है। बयान के मुताबिक फयाज बुखारी को किसी और ने नहीं बल्कि खुद डीजीपी कुलदीप खोड़ा ने धमकी दी है।
वहां कुछ दिन पहले असरार नाम के युवक की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी। घरवालों के मुताबिक उसकी मौत हिरासत में हुई है। जिसके बाद फयाज ने पुलिस के अलावा असरार के घरवालों से बातचीत करने के बाद रिपोर्ट फाइल की। लेकिन डीजीपी कुलदीप खोड़ा को ये बात पसंद नहीं आई कि फयाज ने असरार के घरवालों से बात क्यों की। उन्होंने फयाज को फोन किया और कहा कि आप ग़लत लोगों का साथ दे रहे हैं। फयाज ने कहा कि उन्होंने पुलिस के साथ पीड़ित के घरवालों से बातचीत की है इसमें ग़लत क्या है? दोनों पक्षों की बात रखना एक पत्रकार का काम है और अगर पीड़ित पक्ष किसी वारदात के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो इसके लिए रिपोर्टर को दोषी ठहराना कहां तक सही है। लेकिन बात वहीं ख़त्म नहीं हुई। फयाज को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। ख़बरों के मुताबिक उनके ख़िलाफ़ पुलिस की तरफ से एफ़आईआर कराने की तैयारी है।
फयाज के अलावा और सीएनएस न्यूज़ के रशीद राही भी पुलिस के निशाने पर हैं। उनके ख़िलाफ़ तो एफ़आईआर दर्ज भी कर ली गई है। उन पर शोपियां कांड में अफरा-तफरी फैलाने का आरोप है। शोपियां में 29 मई को दो महिलाएं लापता हो गईं थी। कुछ दिन बाद उनका शव बरामद हुआ। जांच में बलात्कार के बाद हत्या की पुष्टि हो गई। इस मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण कई दिन तक प्रदर्शन हुआ। खुद राज्य के मुख्यमंत्री ने मीडिया को चेतावनी दी। इसी मामले में अब रशीद राही के ख़िलाफ़ लोगों को भड़काने का मामला दर्ज कर लिया गया है। ख़बरों के मुताबिक उन्हें बार-बार पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है।
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