न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) में एक बार फिर इंडिया टीवी की वापसी हो गई है। इसी साल अप्रैल में इंडिया टीवी ने एनबीए की तरफ से सज़ा मिलने पर खुद को संस्था से बाहर कर लिया था। लेकिन बातचीत के बाद अब चैनल फिर से एनबीए में है और कंपनी के चेयरमैन रजत शर्मा बोर्ड में उसकी नुमाइंदगी करेंगे। संपादकों की श्रेणी में इंडिया टीवी ने विनोद कापरी को अपना प्रतिनिधि बनाया है।
एनबीए ने अमेरिका में रह रही पाकिस्तानी मूल की लेक्चरर फरहाना अली की शिकायत पर इंडिया टीवी के ख़िलाफ़ नौ अप्रैल को फैसला सुनाया था। फरहाना अली का आरोप था कि समाचार एजेंसी रॉयटर को दिए गए उनके इंटरव्यू को इंडिया टीवी ने ऐसे चलाया जैसे वो इंटरव्यू उसे दिया गया हो। यही नहीं इंडिया टीवी ने फरहाना को जासूस भी बताया, जिससे उनकी छवि काफी खराब हुई। इस मामले की सुनवाई के बाद एनबीए ने इंडिया टीवी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया और माफीनामा चलाने को कहा। जिससे नाराज़ हो कर इंडिया टीवी ने एनबीए से नाम वापस ले लिया। इंडिया टीवी ने आरोप लगाया कि ऐसा टीवी टुडे के सीईओ जी कृष्णन के दबाव में किया गया था।
इंडिया टीवी के उस फ़ैसले से एनबीए को तगड़ा झटका लगा। ये डर भी सताने लगा कि कहीं सरकार को यह कहने का मौका न मिल जाए कि सेल्फ रेग्युलेशन की बात बेकार है और उसकी तरफ से न्यूज़ चैनलों पर दबाव न बढ़ने लगे। इस ख़तरे को भांप कर सुलह-सफाई की कोशिश शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक एनबीए बोर्ड के बाकी सदस्यों की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद ही इंडिया टीवी ने एनबीए में वापसी की है।
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