जनतंत्र मजबूत हो रहा है। रफ़्तार बहुत तेज नहीं है लेकिन बहुत धीमी भी नहीं। दो महीने में जनतंत्र ने साइबर स्पेस में 40 लाख वेबसाइटों को पीछे छोड़ दिया है। करीब तीन महीने पहले हमने जब ये वेबसाइट शुरू की तो एलेक्सा पर इसकी रैंकिंग नहीं आती थी। कुछ दिन बाद एलेक्सा पर इसकी रैंकिंग 46 लाख थी। लेकिन आज जनतंत्र का तीन महीने का औसत 6 लाख है। एक महीने का तीन लाख। बीते एक हफ़्ते का पौने दो लाख। और बुधवार को जनतंत्र सुपरहिट एक लाख क्लब में भी शामिल हो गया था। इससे कहा जा सकता है कि बिना कोई शोर मचाए जनतंत्र के कदम धीरे धीरे आगे बढ़ रहे हैं।
ये अभी शुरुआत है। अगले कुछ हफ़्तों में हम जनतंत्र का विस्तार करने जा रहे हैं। आप इसमें कई नए फीचर देखिएगा। इसे ज़्यादा से ज़्यादा इंटरेक्टिव बनाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश भी, जिससे जनतंत्र के पाठकों को मीडिया संसार के बारे में कुछ उपयोगी जानकारी भी मिल सके।
Neeraj Bhushan
July 24, 2009 at 3:50 pm
Congrats. Best wishes.
Arun Kumar, General Secretary, Bihar Working Journalists Union
July 24, 2009 at 8:05 pm
Ek Lakh Ka Ankra Chhune Ke liye Badhai. Chaliye Alternative media nahin to alternative media for internet linked people to ho rahe hain aaap. Ek kadam badhe to.