Subscribe by Email

पत्रकार का क़ातिल जैश मोहम्मद का आतंकी

अतवार बहजत (1976-2006)

अतवार बहजत (1976-2006)

इराक में एक आतंकवादी ने पत्रकार अतवार बहजत के बलात्कार और क़त्ल का गुनाह कबूल कर लिया है। 22 फरवरी 2006 को अल अरेबिया की रिपोर्टर और एंकर अतवार की बगदाद में हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसियों ने उस आतंकवादी का वीडियो भी जारी किया है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक जैश मोहम्मद के आतंकी यासिर अल तखी ने अपने दो भाइयों और एक साथी के साथ मिल कर अतवार और उनकी टीम का अपहरण किया। फिर उसके दोनों भाइयों ने अतवार के कैमरामैन अदनान अब्दुल्ला और साउंड इंजीनियर खालिद मोहसिन की हत्या कर दी। जबकि उनका चौथा साथी किसी तरह भागने में कामयाब हो गया। उसके बाद यासिर ने बंदूक की नोक पर अतवार का बलात्कार किया और गोली मार दी। जांच अधिकारियों के मुताबिक यासिर के दोनों भाइयों को भी गिरफ़्तार किया जा चुका है। लेकिन उसका साथी अब भी फ़रार है।

रिपोर्टिंग के वक़्त अपहरण और क़त्ल

1976 में जन्मी अतवार अल अरबिया में आने से पहले अल जजीरा के लिए काम कर चुकी थीं। पत्रकारिता के पेशे में आने के बाद अतवार की लोकप्रियता 2003 में इराक युद्ध के दौरान काफी बढ़ गई। 22 फरवरी, 2006 को अतवार कैमरा टीम के साथ अल असकरी मस्जिद में हुए धमाके को कवर करने के लिए गईं थीं। रिपोर्टिंग के दौरान उन्हें और उनकी टीम को भीड़ ने घेर लिया। तभी कुछ लोग गोलियां बरसाते हुए उनकी तरफ़ बढ़े। वो चिल्ला रहे थे कि उन्हें एंकर चाहिए। गोलीबारी की वजह से लोग वहां से भाग। फिर उन आतंकवादियों ने अतवार और उनके साथियों का अपहरण कर लिया। अतवार और उनके साथी चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन कोई भी उनके बचाव में आगे नहीं आया। उसके कुछ समय बाद अतवार और उनके दो साथियों का शव बरामद हुआ। बलात्कार के बाद अतवार के सिर और सीने में गोली मारी गई थी।

इस हत्याकांड के तीन दिन बाद जब अतवार की अंतिम विदाई के लिए लोग जुटे तो उन पर भी आतंकवादियों ने गोलियां बरसाईं। इस हमले में तीन लोग मारे गए जबकि चार घायल हुए।

और अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>