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क्या सच में एनडीटीवी के प्रमोटर बेचेंगे हिस्सेदारी?

अगर ये खबर सच निकली तो कुछ दिनों बाद मीडिया सेक्टर की चंद बड़ी कंपनियों में से एक एनडीटीवी के प्रमोटर अपनी कंपनी के 50 फीसदी से कम के मालिक रह जाएंगे। अभी एनडीटीवी का स्टेकहोल्डिंग पैटर्न देखें तो प्रमोटर ग्रुप की कंपनी में हिस्सेदारी-63.1 फीसदी है। विदेशी संस्थाओं की हिस्सेदारी 22.8 फीसदी और पब्लिक की हिस्सेदारी 7.8 फीसदी है। अब पढ़िए वो खबर जो बुधवार को इकनॉमिक टाइम्स के पेज 8 पर “हर्ड ऑन द स्ट्रीट” कॉलम में छपी है। ये ख़बर इकनॉमिक टाइम्स की वेबसाइट पर भी मौजूद है। खबर का शब्दश: अनुवाद करने की कोशिश की गई है।

एनडीटीवी में 26% हिस्सेदारी ले सकती है रेलिगेयर
ब्यूरो रिपोर्ट (निशांत वासुदेवन का सहयोग)

बाजार में इस बात की चर्चा गर्म है कि फाइनांशियल सर्विस कंपनी रेलिगेयर प्रमुख टेलिविजन कंपनी एनडीटीवी में 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत चला रही है। चर्चा ये है कि दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सौदे पर बातचीत करने के लिए कुछ दिनों पहले बैठक की है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रति शेयर 200 से 220 रुपए पर सौदा हो सकता है। नई दिल्ली से चल रही कंपनी रेलिगेयर ने आधिकारिक तौर पर इस खबर का खंडन किया है, वहीं ईटी के भेजे ईमेल का एनडीटीवी के अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया है।

एनडीटीवी के शेयर बुधवार को 3.8% की गिरावट के साथ 171.25 रुपए पर बंद हुए। ये शेयर एक महीने में 56% से ज्यादा चढ़ चुका है। फंड मैनेजर और एनालिस्ट ऐसे सौदे की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं क्योंकि समझा जाता है कि बेहद तीखी होड़ वाले इस कारोबार में बने रहने के लिए एनडीटीवी को पैसों की सख्त जरूरत है। वहीं बाजार के एक हिस्से का मानना है कि हो सकता है कि ऐसी चर्चा बाजार के कुछ ऑपरेटर्स ने इसलिए छेड़ी है ताकि शेयर के भाव ऊपर जाएं और वो मौका देखकर अपने शेयर बेच सकें।”

अब इस खबर के आप अपने ढंग से मतलब लगा सकते हैं। एनडीटीवी के शेयर ने बहुत थोड़े समय में 500 रुपए से 70 रुपए तक की यात्रा देखी है। हाल में ये शेयर चढ़ान पर है। छह महीने पहले ये शेयर 84 रुपए का था और अब ये 175 रुपए के आसपास चल रहा है। कंपनी का हाल बुरा है और इसने अपने ऑपरेशंस और मैनपावर में कटौती की है। अब अगर रेलिगेयर ये सौदा कर लेती है तो वो विदेशी साझीदार के साथ मिलकर इस कंपनी को कंट्रोल कर सकती है। हम आपको ये भी बता दें कि रेलिगेयर को वही परिवार चलाता है जो पहले रैनबैक्सी दवा कंपनी को चलाता था। रैनबैक्सी का मालिकाना अब जापानी कंपनी दाइची के हाथ में है। अगस्त महीने में एनडीटीवी के शेयर में हलचल बहुत बढ़ गई है। हर दिन बड़ी संख्या में शेयर इस हाथ से उस हाथ में जा रहे हैं। गुरुवार को एनडीटीवी के 24 लाख के करीब शेयरों को कारोबार हुआ है। यानी जैसा कि इकॉनमिक टाइम्स इशारा कर रहा है – इस कंपनी में कुछ तो चल रहा है।

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