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जोशी जी के जातिवाद के बाद अमेरिकी रंगभेद पर नज़र

जोशी जी के जातिवाद के बाद अमेरिकी रंगभेद पर नज़र

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को नस्ली बताने वाले ग्लेन बेक के टेलीविजन शो से विज्ञापन कंपनियां किनारा कर रही हैं। जुलाई में न्यूज़ चैनल फॉक्स पर एक शो के दौरान…

वीओआई में हड़ताल ख़त्म

वीओआई में हड़ताल ख़त्म

वॉयस ऑफ इंडिया में कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म हो गई है। लेकिन अब भी दोनों गुटों के बीच सुलह नहीं हुई है। समूह संपादक किशोर मालवीय की अगुवाई में एक…

जो हरिवंश जी को नहीं जानते, उनके लिए

जो हरिवंश जी को नहीं जानते, उनके लिए

आदरणीय मॉडरेटर, मैं आपकी थोड़े दिनों में मशहूर हो गयी वेबसाइट पर लगातार तथागत के लिखे को पढ़ रहा हूं। उनकी राइटिंग इस बात की ओर इशारा करती है कि…

"सहारा से जुड़ी वो ख़बर झूठी है, आप यकीन मत कीजिएगा"

"सहारा से जुड़ी वो ख़बर झूठी है, आप यकीन मत कीजिएगा"

झूठी और ग़लत ख़बरों के बहुत बड़े ख़तरे होते हैं। एक ग़लत ख़बर किसी की नौकरी छीन सकती है। किसी को बर्बाद कर सकती है। इसलिए किसी को भी यह…

जिसकी जितनी जातीय औकात, उतना उसका प्राप्य

जिसकी जितनी जातीय औकात, उतना उसका प्राप्य

“……..अपने यहां मुसलमान कौन हुए? मुसलमान वो हुए, जो हाथ से काम करने वाले लोग थे. जुलाहे, लोहार, कुम्हार जो-जो भी हाथ से काम करने वाले लोग थे और जिनको…

बीजेपी पर एंकर-रिपोर्टर की जुगलबंदी, मेहमानों की तान

बीजेपी पर एंकर-रिपोर्टर की जुगलबंदी, मेहमानों की तान

पहले जसवंत सिंह और अब अरुण शौरी। इन दोनों ने न्यूज़ चैनलों को बैठे बिठाए बहुत बड़ा मुद्दा दे दिया है। सबकी चिंता है कि बीजेपी किस दिशा में जा…

ब्राह्मणवाद पर बहस कीजिए, बहस की हत्या नहीं

ब्राह्मणवाद पर बहस कीजिए, बहस की हत्या नहीं

संजय जी आपने बहस को ज्यादा ठोस जमीन पर खड़ा किया है। लेकिन इसके बाद भी चार्वाक का कथन हमारे माथे पर लकीरें ले ही आता है। क्योंकि उसमें सच्चाई…

वीओआई में हड़ताल जारी, मैनेजमेंट पर धमकाने का आरोप

वीओआई में हड़ताल जारी, मैनेजमेंट पर धमकाने का आरोप

हड़ताल का चौथा दिन वॉयस ऑफ इंडिया में कर्मचारियों की हड़ताल का चौथा दिन है। वहां लोग अब भी धरने पर बैठे हुए हैं और अपने जायज हक़ की मांग…

“जन”सत्ता में प्रभाष जी की “ब्राह्मण”सत्ता

“जन”सत्ता में प्रभाष जी की “ब्राह्मण”सत्ता

जनसत्ता के पहले संपादक प्रभाष जोशी को लगभग ढाई दशक पहले जब पत्रकारों की टीम बनाने का पहला मौका मिलता है तो कुछ ऐसी टीम बनती है। ये है जनसत्ता…

गैर-सवर्ण अस्मिताओं के लिए प्रभात ख़बर में जगह नहीं

गैर-सवर्ण अस्मिताओं के लिए प्रभात ख़बर में जगह नहीं

प्रभात खबर में भी वही नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो कि पूरे देश के मीडिया में आम हैं। यानी सवर्ण बहुमत वाली संपादकीय टीम। बिज़नेस, सर्कुलेशन आदि विभागों में…