सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने टीवी चैनलों के संपादकों को भरोसा दिया है कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर किसी भी तरह की पाबंदी के खिलाफ है। सरकार टीवी चैनलों के साथ जोर जबरदस्ती करके उन पर किसी भी तरह की पाबंदी या रेगुलेशन थोपने के पक्ष में नहीं है। अंबिका सोनी ने ये बात न्यूज चैनलों के संपादकों की संस्था ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन से साथ बैठक में कही। दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में अंबिका सोनी ने कहा कि न्यूज चैनलों के संपादकों द्वारा संगठन बनाना एक मील का पत्थर है। साथ ही इस बात का सबूत भी कि टीवी चैनल के संपादक भी कंटेंट को बेहतर बनाना चाहते हैं। सोनी ने ये भी कहा कि सरकार जब भी टीवी चैनलों के कंटेंट के बारे में कोई कदम उठाएगी तो टीवी संपादकों की संस्था से भी बात की जाएगी।
अंबिका सोनी ने कहा कि टीवी चैनलों को और ज्यादा जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। सरकार सभी पक्षों से बातचीत करने के बाद कोई ऐसा तरीका निकालना चाहती है ताकि कहीं से ऐसा नहीं लगे कि मीडिया की आजादी पर कोई पाबंदी का इरादा है। ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्टार न्यूज़ के संपादक शाजी जमां ने कहा – “हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और सेल्फ रेगुलेशन के तहत बनाए गए मानदंडों को पूरा करने की कोशिश करते हैं।”
सूचना एवं प्रसारण मंत्री के साथ संपादकों के इस मीट द एडिटर्स कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले प्रमुख टीवी संपादक हैं राजदीप सरदेसाई और विनय तिवारी (सीएनएन आईबीएन), शाजी जमान, मिलिंद खांडेकर, दीपक चौरसिया ( स्टार न्यूज), आशुतोष, प्रबल प्रताप सिंह (आईबीएन -7), सतीश के सिंह (जी न्यूज), अजीत अंजुम, सुप्रिय प्रसाद (न्यूज 24) विनोद कापड़ी, प्रशांत टंडन (इंडिया टीवी), सुधीर चौधरी (लाइव इंडिया), एन के सिंह (इनाडु टीवी), पंकज पचौरी (एनडीटीवी इंडिया) और वरिष्ठ पत्रकार राजू संथानम।
न्यूज चैनलों के संपादकों की इस संस्था बीईए का गठन कुछ ही दिन पहले किया गया है और मीट द एडिटर्स के तहत आज पहला कार्यक्रम था।
((बीईए की तरफ से भेजी गई प्रेस रिलीज))
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