दो दिन पहले ख़बरें छपी कि पश्चिम बंगाल का लालगढ़ एक बार फिर लहू से लाल हो गया है। नक्सलवादियों और सीपीएम कैडर के बीच हुए संघर्ष में दस लोगों के मारे जाने की ख़बर है। इस ख़बर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अब ख़बर आ रही है कि झड़प तो हुई थी लेकिन कोई भी मारा नहीं गया है। छह लोग जख़्मी हुए हैं। इलाके के पुलिस सुपरिंटेंडेंट मनोज कुमार वर्मा ने द हिंदू से कहा है कि मीडिया ने जो नुकसान पहुंचाया है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती।
मनोज कुमार वर्मा के मुताबिक सोमवार की शाम 6.30 बजे के करीब झड़प शुरू हुई। उस झड़प में छह लोग घायल हुए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। ख़बर मिलने के बाद पुलिस मौके पर 9 बजे के करीब पहुंची। उसके बाद से हमलावरों की तलाश की जा रही है।
लालगढ़ एक संवेदनशील इलाका है। सिर्फ़ लालगढ़ ही क्यों ऐसी ख़बरों को लेकर पूरा पश्चिम बंगाल बेहद संवेदनशील हो गया है। वहां दो धड़े साफतौर पर नज़र आते हैं। एक धड़ा खुद सीपीएम है और दूसरा उसका विरोध करने वाले। कहीं एक जगह झड़प होती है तो बाकी जगह भी माहौल में तनाव फैल जाता है। इसलिए ऐसी ख़बरों को लेकर मीडिया को बेहद सतर्क रहना चाहिए। लेकिन मीडिया सनसनी फैलाने की हरकत से बाज नहीं आता।
लालगढ़ से आए दिन ख़बरें आ रही हैं कि कभी माओवादियों के हमले में सीपीएम समर्थक मारे गए तो कभी जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों की मौत हुई। इसी महीने कम से कम ऐसे दस हमलों की ख़बरें प्रकाशित हो चुकी हैं। दर्जनों लोगों की मौत की ख़बरें छापी जा चुकी हैं। ऐसे माहौल में अचानक एक ख़ूनी झड़प की ख़बर आती है। टेलीविजन न्यूज़ चैनल से लेकर अख़बार तक सभी उस ख़बर को खेलने लगते हैं। बाद में वो ख़बर ग़लत निकलती है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन ख़बरों से कितना ज़हर फैल सकता है।
Nitin Gupta
September 28, 2009 at 2:18 pm
Wish to My All Friends..Happy Vijaya Dashmi….But Aaj kya Media me Mandi ka bhi Ant hoga,Kyoki Kalyug ka Ravan or Mahisasur to Mandi hi he….Kya Raye he Apki, Aap Karengey Ant is Ravan Or Mahisasur= Mandi….