
TOI में छपा कार्टून
गुरु गैरी का इतना ज्ञान मीडिया के काफी था। पूरे दिन टेलीविजन चैनलों पर गैरी का गुरु मंत्र छाया रहा। इन दिनों एनडीटीवी इंडिया भी अपना सेक्स ज्ञान बढ़ाने में जुटा है। इसलिए वहां पर भी इंडिया टीवी “इस्टाइल” में सेक्स पर डिबेट छिड़ गई। इंडिया टीवी को तो बड़ा मुद्दा मिल गया था। दूसरे चैनलों ने भी हिंदुस्तान टाइम्स में छपी उस ख़बर को तान दिया। इसी बहाने खिलाड़ियों की सेक्स स्टोरी भी बताई गई। दिखाया गया कि किस खिलाड़ी का किस हीरोइन से चक्कर रहा है। किसके कितने अफेयर रहे हैं। क्रिकेट के अलावा प्रेम में कौन कितना माहिर है।
अख़बारों ने भी आज सेक्स ज्ञान को हाथों हाथ लिया है। दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण ने खेल पेज पर गैरी की खुराक पर ब्योरा छापा है। हालांकि हिंदी अख़बारों में इस खुराक पर न्यूज़ चैनलों की तुलना में कम स्पेस दिया गया है। लेकिन कुछ अंग्रेजी अख़बारों ने तो इसे फैला दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया में पहले पन्ने पर कई पूर्व खिलाड़ियों और कोचों से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। अजित वाडेकर, बिशन सिंह बेदी सरीखे गुरुओं ने गैरी के मंत्र पर अपनी राय जाहिर की है। उनका कहना है संतुलन जरूरी है। अधिक टेस्टोस्टिरॉन पैदा करने के चक्कर में कहीं क्रिकेट का ही बाजा न बज जाए।
इसके अलावा टाइम्स ऑफ इंडिया ने पेज 23 को पूरी तरह सेक्स चर्चा पर समर्पित कर दिया है। उसमें इंडिया के सबसे चर्चित सेक्सोलोजिस्ट में से एक प्रकाश कोठरी से बातचीत की गई है। प्रकाश कोठारी ने गुरु गैरी के मंत्र की वाहवाही करते हुए कहा है कि यकीनन घर के भीतर हुए खेल से मैदान में खेल के दौरान का प्रदर्शन बेहतर हो जाता है। उनके मुताबिक एक अच्छे साथी के साथ अच्छे सेक्स से न केवल खेल बल्कि हर क्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर हो जाता है।
इस रिपोर्ट में कुछ रोचक तथ्य भी दिए गए हैं। जैसे 2004 एथेन्स ओलंपिक में खिलाड़ियों को 1 लाख 30 हज़ार कन्डोम और 30 हज़ार लुब्रिकेंट दिए गए थे। जैसे खिलाड़ी खेलों के महाकुंभ में नहीं बल्कि सेक्स ओलंपिक में हिस्सा लेने पहुंचे हों।
अख़बारों और न्यूज़ चैनलों के उत्साह को देख कर लगता है कि गुरु गैरी के सेक्स खुराक पर चर्चा अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी।
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