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मुंबई में कल से बुलंद होगी "स्त्री मुक्ति" की आवाज़

मुंबई में कल से बुलंद होगी "स्त्री मुक्ति" की आवाज़

मुंबई में 8वां महिला नाट्यलेखक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन यानी Women Playwright International (WPI) 1 से 7 नवंबर, 2009 तक मुंबई विश्वविद्यालय के अकेडमी ऑफ थिएटर आर्ट तथा स्त्री मुक्ति संघटना, मुंबई…

नई दुनिया की नीयत पर सवाल, मैनेजमेंट दे सफाई

नई दुनिया की नीयत पर सवाल, मैनेजमेंट दे सफाई

नई दुनिया में अक्टूबर में एक सीरीज छापी गई। आमतौर पर मीडिया संस्थान किसी भी बड़ी कंपनी को चुनौती देने से बचते हैं। ऐसे वाकये एक-दो ही होंगे जब किसी…

कई मायनों में खास रहा हिंदुस्तान का “समागम”

कई मायनों में खास रहा हिंदुस्तान का “समागम”

हिंदुस्तान ने अक्टूबर में एक बेहतरीन काम किया है। हिंदुस्तान “समागम” नाम से पटना और लखनऊ दो शहरों में आयोजन किए। पटना का आयोजन शानदार रहा। थोड़े अंतराल पर ही…

डरे हुए मठाधीश अब ब्लॉगरों को डराने लगे हैं

डरे हुए मठाधीश अब ब्लॉगरों को डराने लगे हैं

इलाहाबाद से जब से लौटा हूं… एक आशंका गहरा रही है। लगता है कि अब ब्लॉग के रेग्युलेशन की मांग जोर पकड़ेगी। आए दिन ब्लॉगरों पर मुक़दमे होंगे। बेनामियों की…

पुष्पेंद्र-परवेज की जोड़ी फिर जीती

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और परवेज अहमद की जोड़ी ने एक बार फिर विरोधियों को मात दे दी है। पुष्पेंद्र ने सेक्रेटरी जनरल के पद पर नदीम…

राज की जीत में मुंबई की हार है

राज की जीत में मुंबई की हार है

महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे देखकर राज ठाकरे बहुत खुश होंगे। एक तो यूं कि चचा को बता दिया कि उनका असली राजनीतिक उत्तराधिकारी उनका बेटा ऊद्धव नहीं बल्कि वो खुद…

थोड़ी जानकारी, थोड़ी हिदायत के साथ ब्लॉग मंथन ख़त्म

थोड़ी जानकारी, थोड़ी हिदायत के साथ ब्लॉग मंथन ख़त्म

ब्लॉग-विमर्श के लिहाज से पहले दिन के मुक़ाबले दूसरे दिन के दोनों सत्र ज़्यादा कारगार लगे। इसकी एक वजह तो समय से सत्र का शुरू होना रहा। अधिक वक्ताओं के…

आपने “दयाशंकर” की डायरी देखी है? नहीं तो अब देखिए

आपने “दयाशंकर” की डायरी देखी है? नहीं तो अब देखिए

जब भी कोई नाटक किया जाता है तो उसे एक टीम के रूप में ही तैयार किया जाता है. मगर कई बार हो यह जाता है कि एक नाटक शुद्ध…

इलाहाबाद में ब्लॉग मंथन का पहला दिन

इलाहाबाद में ब्लॉग मंथन का पहला दिन

अचानक पाबंदियों के टूटने से भी दम घुटने लगता है, अनंत आजादी कई बार अराजक स्थिति पैदा करते हैं। इसलिए चिट्ठाकारी पर जब भी हम बात करते हैं तो स्वतंत्रता…

नई दुनिया के भरोसे संवर रही है रद्दी वालों की किस्मत

नई दुनिया के भरोसे संवर रही है रद्दी वालों की किस्मत

दिल्ली और एनसीआर में नई दुनिया की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। अख़बार का सर्कुलेशन बढ़ाने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। कुछ दिन पहले…

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