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"अपनी बोई फसल काट रहे हैं शिवनाथ ठुकराल"

शिवनाथ ठुकराल को एनडीटीवी से इस्तीफ़ा देना पड़ा। यह एक चौंकाने वाली ख़बर रही। सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से एनडीटीवी प्रॉफिट से शिवनाथ ठुकराल को इस्तीफ़ा देना पड़ा? बीते चार साल में प्रॉफिट से दर्जनों लोगों ने नौकरी छोड़ी। बहुतों ने निजी वजहों से इस्तीफ़ा दिया तो कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने शिवनाथ ठुकराल के कारण नौकरी छोड़ी। अविक बर्मन को जाना पड़ा। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत बीते साल ऑनिंदो चक्रवर्ती को एनडीटीवी प्रॉफिट से हटा कर एनडीटीवी इंडिया शिफ्ट किया गया।

इतने लोगों की विदाई के बीच शिवनाथ का कद बढ़ता गया। वो मज़बूत होते चले गए। जल्दी ही वो वक़्त आया जब शिवनाथ ठुकराल एनडीटीवी प्रॉफिट के सर्वेसर्वा हो गए। सूत्रों के मुताबिक मैनेजमेंट से मिली छूट से शिवनाथ को भी लगने लगा कि उनके बगैर एनडीटीवी प्रॉफिट तो चल ही नहीं सकता। जैसे ही यह अहंकार पैदा हुआ… शिवनाथ ठुकराल की विदाई की भूमिका तैयार होने लगी।

सूत्रों के मुताबिक बीते डेढ़ साल में शिवनाथ ने जो चाहा वो किया। जिसे चाहा उसे डांटा, बेइज्जत किया और जिसे चाहा उसे प्रमोट किया। सूत्र यह भी बताते हैं कि उन्होंने सबसे अधिक प्रमोट किया अपनी पत्नी शैली चोपड़ा को। इस कड़ी में साथियों के साथ दुर्व्यवहार बढ़ता चला गया और साथ ही उनके ख़िलाफ़ बढ़ती गईं शिकायतें। लगातार मिलती शिकायतों के बाद ही प्रबंधन ने शैली चोपड़ा को एनडीटीवी प्रॉफिट से हटा कर एनडीटीवी 24×7 भेजा। बताया जाता है कि 24×7 में शैली चोपड़ा के पास कोई काम नहीं है। अब लगता है कि शैली चोपड़ा की भी जल्द विदाई होगी।

सूत्रों के मुताबिक शैली चोपड़ा को प्रॉफिट से हटाने से पहले मैनेजमेंट ने एक और फैसला शिवनाथ ठुकराल की इच्छा के ख़िलाफ़ लिया था। कंपनी ने जॉन ओ लोन को एनडीटीवी प्रॉफिट का सीईओ बनाया गया। जॉन स्टार न्यूज़ के जमाने से एनडीटीवी से जुड़े हैं। करीब 14 साल से। जॉन ने सीईओ बनने के बाद कई ऐसे फ़ैसले लिये जिससे शिवनाथ की झुंझलाहट बढ़ती गई। सूत्रों के मुताबिक शैली को प्रॉफिट से हटा कर 24×7 भी डॉन से ही भिजवाया था। उसी झुंझलाहट में जॉन के ख़िलाफ़ शिवनाथ ने न्यूज़रूम में कई बार तीखी टिप्पणियां कीं। वो टिप्पणियां वहां मौजूद कई लोगों ने सुनीं।

बहरहाल, दो साल तक मैनेजिंग एडिटर रहते हुए एकछत्र राज करने के बाद शिवनाथ ठुकराल की एनडीटीवी से विदाई हो गई है। लेकिन ऐसे समय में जब एनडीटीवी प्रॉफिट की हालत नाजुक है और वहां सेकेंड कमांड ऑफ लीडरशिप (दूसरी पंक्ति का नेतृत्व जो आपातकाल में चैनल संभाल सके) नहीं है। एनडीटीवी के ही कुछ सूत्र इसके लिए भी शिवनाथ ठुकराल को ही जिम्मेदार ठहराते हैं। उनके मुताबिक शिवनाथ के रवैये की वजह से ही दूसरी पंक्ति का नेतृत्व तैयार नहीं हो सका। वो तमाम लोग जिनमें चैनल संभालने की थोड़ी-बहुत काबिलियत थी वो सभी आज एनडीटीवी प्रॉफिट से जा चुके हैं। और आज एनडीटीवी मैनेजमेंट और शिवनाथ ठुकराल अपनी ही बोई हुई फ़सल काट रहे हैं।

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