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"द हिंदू" ने मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के झूठ से पर्दा उठाया

"द हिंदू" ने मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के झूठ से पर्दा उठाया

सियासत में झूठ और ग़लतबयानी भी एक बहुत बड़ा हथियार है। ताज़ा मामला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण से जुड़ा है। द हिंदू ने आज अपनी एक ख़बर में उनके झूठ…

मीडिया एक भीड़ तंत्र है ((पार्ट- 1))

मीडिया एक भीड़ तंत्र है ((पार्ट- 1))

देश के जाने माने पत्रकार कुलदीप नैयर एक किस्सा सुनाते हैं। गोविंद बल्लभ पंत देश के गृह मंत्री और कुलदीप नैयर उनके प्रेस सचिव थे। संसद की भाषाओं के संबंध…

बिन मुद्दों की सूनी सियासत

बिन मुद्दों की सूनी सियासत

मुद्दे, राजनीति के सुहाग हैं. बिन मुद्दे राजनीति उजड़ी, सूनी और अर्थहीन है. प्रसंग था, अर्थनीति, महंगाई और देश के गरीब. लोकसभा में डॉ राममनोहर लोहिया ने पहले ही भाषण…

कृपया उन्नी दंपति पर आंसू न बहाएं

कृपया उन्नी दंपति पर आंसू न बहाएं

वह एक उदास करने वाली शाम थी। टेलीविजन 26/11 के हमले की पहली वर्षगांठ ‘मना’ रहा था। तर्कवीर सुबह से कुछ निंदा, कुछ आलोचना, कुछ समालोचना, कुछ प्रशंसा, तो कुछ…

एएनआई को मिलेगी अब यूएनआई से टक्कर

एएनआई को मिलेगी अब यूएनआई से टक्कर

समाचार न्यूज़ एजेंसी यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया (यूएनआई) अब टेलीविजन न्यूज़ के कारोबार में कदम रखने जा रही है। एएनआई की तर्ज पर अब यूएनआई ने न्यूज़ चैनलों को विजुअल…

एनडीटीवी लाइफस्टाइल के बाद अब इमैजिन बेचने की तैयारी

एनडीटीवी लाइफस्टाइल के बाद अब इमैजिन बेचने की तैयारी

इंडियन एक्सप्रेस की यह ख़बर सही निकलती है तो एनडीटीवी के प्रमोटर अब एनडीटीवी इमैजिन को बेचने की तैयारी में जुटे हैं। करीब डेढ़ साल पहले यह चैनल बड़े तामझाम…

कुछ पत्रकारों को किसानों का दर्द नहीं दिखता, दारू दिखती है

कुछ पत्रकारों को किसानों का दर्द नहीं दिखता, दारू दिखती है

19 नवंबर को गन्ना किसानों ने सड़क से संसद तक अपना रोष ज़ाहिर किया। वे दिल्ली पहुंचे क्योंकि हमारी सरकार को ऊंचा सुनने की बीमारी हो गई है। उनका मकसद…

बंट चुके हैं पत्रकार और यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है

बंट चुके हैं पत्रकार और यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है

आईबीएन-लोकमत चैनल के मुबंई दफ्तर पर शिवसैनिकों के हमले के विरोध का स्वर बेहद दबा नजर आया। शिव सैनिकों के कुछ वर्ष पूर्व के मीडिया पर हमलों के विरोध को…

वाजपेयी "देवतुल्य" हैं, अंगुली उठाओगे तो पाप लगेगा!

वाजपेयी "देवतुल्य" हैं, अंगुली उठाओगे तो पाप लगेगा!

लिब्रहान आयोग की रपट को लेकर हंगामा मचा हुआ है। सारे राजनीतिक दल अपनी सुविधा के मुताबिक उसका खंडन-मंडन कर रहे हैं। लेकिन लिब्रहान आयोग में एक अदद नाम ने…

क्या हमारे नेता बेशर्म हो गए हैं?

क्या हमारे नेता बेशर्म हो गए हैं?

क्या कभी हमारे देश का राजनीतिक माहौल ऐसी शर्मनाक स्थिति में रहा है, जैसा की अभी है? अख़बारों के पहले पन्ने पर जिस तरह की ख़बरें रोज़ आ रही हैं,…

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