मशहूर पत्रकार प्रभाष जोशी को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उनका निधन पांच नवंबर को गाज़ियाबाद में हुआ था। इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। पत्रकार, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, सियासतदान और छात्र – हर क्षेत्र के लोगों ने प्रभाष जोशी को नम आंखों से याद किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने किया। इस मौके पर जिन वक्ताओं ने अपने विचार रखे उनमें पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र, जनसत्ता के संपादक ओम थाणवी, वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय, हिंदी आलोचक नामवर सिंह, समाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय, सीपीआई महासचिव एबी बर्धन, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, मोतीलाल वोरा और एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी प्रमुख हैं। प्रभाष जोशी के भाई सुभाष जोशी और दोनों बेटों ने भी अपनी बात रखी।
यह सभा तीन घंटे तक चली। ज़्यादातर लोगों का यही कहना था कि प्रभाष जोशी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि सब मिल कर उनके अधूरे कामों को पूरा करें। समाज के निचले तबके के हक़ की लड़ाई को जारी रखें। मीडिया चौथे स्तंभ की भूमिका को ईमानदारी से निभाए। पत्रकार कलम से समझौता नहीं करें।
कार्यक्रम के मध्य में मालवा के गायक कालू राम ने प्रभाष जोशी को सुरों से श्रद्धांजलि दी। और आखिर में उनके पसंदीदा गायक कुमार गंधर्व की सुपुत्री कलापनी कोमकली ने उनके पसंदीदा भजन प्रस्तुत किए। वो भजन जिन्हें प्रभाष जोशी अक्सर सुना करते और भक्ति में डूब जाते।
“हम परदेसी पंछी बाबा
अणि देसरा नाही
मुंख बिन गाना
पग बिन चलना
बिना पंख उड़ जाईं बिन मोह की सूरत हमारी
अनहद में रम जाई
भई संतो अणि देसरा नाही ….”
Recent Comments