8 दिसंबर की दोपहर 12 बजते ही राज्यसभा सदस्यों ने हंगामा खड़ा कर दिया। शून्यकाल के शुरू होते ही जद (यू) सांसद अली अनवर, आरजेडी के राजनीति प्रसाद, एलजेपी के साबिर अली और सीपीएम के अजीज पाशा के साथ कई सांसद चौथी दुनिया अख़बार की प्रति लहराते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। वे चौथी दुनिया के संपादक संतोष भारतीय के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी करने की मांग कर रहे थे। सदन में तब हंगामा मच गया जब सांसद अली अनवर ने यह कहा कि संतोष भारतीय ने अपनी एक रिपोर्ट में राज्यसभा के सांसदों को नपुंसक बताया है। इस पर राज्यसभा के उपसभापति के रहमान खान ने कहा कि यह मामला सभापति के पास विचाराधीन है। इसके बाद सदन में लगातार शोरशराबा होता रहा। 12 बजकर 18 मिनट पर उपसभापति ने कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
सांसद चौथी दुनिया में छपी एक रिपोर्ट, जिसका शीर्षक था – रंगनाथ मिश्रा कमीशन की रिपोर्ट पेश न होना राज्यसभा का अपमान - पर आपत्ति जता रहे थे। उस रिपोर्ट में अख़बार के संपादक संतोष भारतीय ने रंगनाथ मिश्र कमीशन की रिपोर्ट सदन में न रखवा पाने वाले राज्यसभा सदस्यों को शक्तिहीन और निर्वीर्य बताया है। राज्यसभा के सदस्यों को अख़बार में प्रकाशित शक्तिहीन और निर्वीर्य शब्दों पर सख्त आपत्ति थी।
संसद में हंगामे के दौरान आरजेडी के राजनीति प्रसाद, सीपीएम के अजीत पाशा, जद(यू) के अली अनवर और कुछ अन्य सदस्य अपनी मांग को लेकर सभापति के आसन तक पहुंच गए। इस दौरान राज्यसभा के कई दूसरे सदस्यों ने भी अपनी बात रखी और रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट को संसद में पेश करने की ज़ोरदार मांग की।
सीपीएम की वृंदा करात ने कहा कि रंगनाथ मिश्रा कमीशन की रिपोर्ट मीडिया में लीक हो चुकी है, लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा इस मुद्दे पर बोलने के लिए राज्यसभा में हाजिर नहीं है। सीपीआई के नेता डी राजा ने कहा कि रंगनाथ मिश्रा कमीशन एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, आखिर सरकार इतने महत्वपूर्ण रिपोर्ट को संसद के पटल पर पेश क्यों नहीं कर रही है?
12 बज कर 32 मिनट पर राज्य सभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। कांग्रेस के चीफ व्हीप ने कहा कि इस मामले पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सलमान खुर्शीद जबाब देने के लिए सदन में मौजूद हैं। सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरकार पिछड़े मुसलमानों को कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल मॉडल की तर्ज पर आरक्षण देने पर विचार कर रही है। साथ ही रंगनाथ रिपोर्ट के बारे में उन्होंने कहा कि मामला एक आरटीआई को लेकर अदालत में है। सरकार इस पर विचार कर रही है कि इसे कब और कैसे सदन में पेश करना है।
इस पर भाजपा के रवि शंकर प्रसाद ने सलमान खुर्शीद को आरोपों के घेरे में ले लिया। उन्होंने यह कह कर सरकार को लपेटने की कोशिश की कि मंत्री जी ने एक न्यूज चैनल पर यह बात स्वीकार की है कि सरकार, संसद में इस रिपोर्ट को पेश करेगी। उन्होंने फिर सवाल खड़ा किया कि संसद का सत्र अभी चल रहा है फिर सरकार रंगनाथ रिपोर्ट को संसद में अभी पेश क्यों नहीं करने जा रही है? मंत्री महोदय जो बात न्यूज़ चैनल में बोलते हैं, उसी बात को संसद में क्यों नहीं बोलते हैं?
इस आरोप पर सलमान खुर्शीद ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। मुसलमानों को आरक्षण देने की बात तो उनकी पार्टी के घोषण पत्र में पहले से ही है। इस बीच, समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रंगनाथ मिश्र रिपोर्ट मुसलमान और ईसाई समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मसला है। इस पर सरकार क्या करने जा रही है? आखिर संसद में इसे क्यों नहीं पेश किया जा रहा है? उन्होंने इसे बर्दाश्त से बाहर बताया। ((चौथी दुनिया की तरफ़ से जारी प्रेस विज्ञप्ति))
Recent Comments