महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से प्रोफेसर अनिल चमड़िया को टरमिनेट कर दिया गया है। बीते साल जुलाई में अनिल चमड़िया की प्रोफेसर पद पर नियुक्ति हुई थी। लेकिन इस नियुक्ति को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की मंजूरी चाहिए थी। उस मंजूरी से पहले विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय से अनिल चमड़िया की कुछ अनबन हो गई। बताया जाता है कि उसी खुन्नस में विभूति नारायण राय ने इक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक बुलवा कर प्रोफेसर अनिल चमड़िया की नियुक्ति को निरस्त करा दिया।
ऑफिस ऑर्डर में साफ शब्दों में लिखा गया है कि अनिल चमड़िया की प्रोफेसर पद पर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है। गौरतलब है कि इस एक्जीक्यूटिव काउंसिल में तमाम प्रगतिशील हस्तियां शामिल हैं। प्रोफेसर कृष्ण कुमार, वरिष्ठ पत्रकार मृणाल पांडे, विष्णु नागर और गंगा प्रसाद विमल जैसी कई महान हस्तियों की इस एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 13 जनवरी को हुई। उसी बैठक में इस एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने अनिल चमड़िया की नियुक्ति को निरस्त करने का फैसला लिया है। यह फैसला सभी की सहमति से हुआ है या फिर इसका काउंसिल के कुछ सदस्यों ने विरोध भी किया है – यह अभी पता नहीं चल सका है।
Office order dated 25th 2010
As per the terms and conditions no.1 of the appointment order no. Est/ 1822/MGAHV/ 2009 dated 07/07/2009, issued to shri Anil Chamadia as professor ( mass media) in the school of culture in the scale of pay 37400-67000 with AGP of rs 10000 , the appointment was subject to the approval of executive council.The executive council in its 37th meeting held on 13th January 2010 at IIC ,Delhi did not approve the appointment of Shri Anil Chamadia as professor (mass Media ) in the school of culture in the scale of pay 37400-67000 with AGP of Rs 10000.
In view of the above cited decision of the executive council , the appointment of Shri Anil Chamadia as professor (mass Media ) in the school of culture in the scale of pay 37400-67000 with AGP of Rs 10000.stands cancelled with immediate effect.
This is issued with the approval of the competent authority.
( K.G.Khamre)
Registrar
Received on 27th January 2010 at 7.15 pm.
शेष नारायण सिंह
January 28, 2010 at 6:31 pm
अपना घर उजाड़ कर वर्धा गए थे अनिल जी. लेकिन क्या खेल खेला सिस्टम ने उनके साथ .भले आदमी को परेशान भी किया और अपमानित भी . नहीं करना चाहिए था लेकिन कोई बात नहीं. अनिल जी योद्धा हैं .सब ठीक हो जाएगा..