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	<title>Comments on: &#8216;ये तुम्हारे गले में किसकी आवाज है …….&#8217;*</title>
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	<description>बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे</description>
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		<title>By: रंगनाथ सिंह</title>
		<link>http://jantantra.com/2010/02/02/writeup-on-wardha-politics/comment-page-1/#comment-1737</link>
		<dc:creator>रंगनाथ सिंह</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Feb 2010 17:39:13 +0000</pubDate>
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		<description>वर्धा विश्वविद्यालय से जितनी  भी खबरें छन कर आई हैं उनके आधार पर कहा जा सकता है कि यह विश्वविद्यालय अकादमिक भ्रष्टाचार का बिगअड्डा बन चुका है। वहाँ पर हुई नियुक्तियों, एडमिशन,  विभिन्न मदों में किए गए खर्चों की जांच होनी चाहिए। किसी एक के निकाले या रखे जाने को तूल देने से कोई ज्यादा हासिल नहीं है। सर्वप्रथम वीसी को तत्काल अपदस्थ करके एक जाँच कमेटी बैठाई जाय। जो लोग विरोध पत्र लिख रहे हैं वो यूजीसी के चेयरमैन और मानवसंसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखें कि इस विश्वविद्यालय की गतिविधियाँ संिदग्ध हैं। अकादमिक भ्रष्टाचार पर ध्यानाकर्षण का यह अच्छा मौका है । यह दो व्यक्तियों के बीच का टकराव नहीं है। मामला व्यापक है और इस पर उसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में प्रतिक्रिया होनी चाहिए।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>वर्धा विश्वविद्यालय से जितनी  भी खबरें छन कर आई हैं उनके आधार पर कहा जा सकता है कि यह विश्वविद्यालय अकादमिक भ्रष्टाचार का बिगअड्डा बन चुका है। वहाँ पर हुई नियुक्तियों, एडमिशन,  विभिन्न मदों में किए गए खर्चों की जांच होनी चाहिए। किसी एक के निकाले या रखे जाने को तूल देने से कोई ज्यादा हासिल नहीं है। सर्वप्रथम वीसी को तत्काल अपदस्थ करके एक जाँच कमेटी बैठाई जाय। जो लोग विरोध पत्र लिख रहे हैं वो यूजीसी के चेयरमैन और मानवसंसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखें कि इस विश्वविद्यालय की गतिविधियाँ संिदग्ध हैं। अकादमिक भ्रष्टाचार पर ध्यानाकर्षण का यह अच्छा मौका है । यह दो व्यक्तियों के बीच का टकराव नहीं है। मामला व्यापक है और इस पर उसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में प्रतिक्रिया होनी चाहिए।</p>
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