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	<title>Comments on: सारे नोटिस दलित शिक्षकों को, जवाब दो विभूति</title>
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	<description>बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे</description>
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		<title>By: rashtra12</title>
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		<dc:creator>rashtra12</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Feb 2010 04:51:29 +0000</pubDate>
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		<description>rashtr12 said:
इसे आप प्रश्नोत्तर शैली में पढ़ें
1.सबसे पहले मैं आपको भारतीय इतिहास में 6 दिसंबर की तारीख का महत्व बता दूं।
उत्तर . जैसे इतिहास यही पढ़े है और कोई नहीं.
2. इस तारीख को भारतीय संविधान के रचयिता बाबा साहेब अंबेडकर का निधन हुआ था और इतिहास इस दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाता है।
उत्तर . किसी के जन्मदिन पर किसी को क्या आपत्ति.
3. सांप्रदायिक ताकतों ने बाबरी मस्जिद को गिराने के लिए जानबूझ कर इस दिन को चुना।
उत्तर . दरअसल आप तब इतने बड़े बुद्धिजीवी नहीं बने थे अन्यथा लोग आपसे नव दलित ब्राहमण से तिथि तय करते.
4. जाति की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए जब कोई सेकुलर व्यक्ति कुछ काम करता है, तो मैं उसे सेकुलर जातिवाद कहता हूं। और ऐसा करने वाले को मैं सेकुलर जातिवादी कहता हूं।
उत्तर . आप से बड़ा जातिवादी कौन है . जो कि वि वि में सिर्फ दलित अध्यापको से बात चीत करता है सामाजिक न्याय का दुश्मन आपसे बड़ा कौन है जो दलित -२ तो कहता है पर आजतक किसी विद्यार्थी को शोध नहीं करा रहा है. नहीं तो इसके पीछे क्या कारन हो सकते है.
5. वह दिखावे के लिए उदार और प्रगतिशील हो सकता है,
उत्तर . यह तो आप है ही.
5. मैंने इस जुलूस में शामिल होने का फैसला किया, क्योंकि ये जुलूस जाति विरोधी था।
उत्तर . अर्थात जो आप करेंगे जातिविरोधी और दूसरे करे तो जातीवादी हा हा हा
6. मैं ये देखकर काफी खुश हुआ कि अलग अलग जाति के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने जुलूस में शिरकत की और जातिवाद के खिलाफ नारे लगाये।
उत्तर . जब कभी शिक्षक संघ की बैठक हुई तब आप कभी नहीं आयी . क्यों क्योकि आप जातीय ग्रंथि से पीडीत है . जबकि वि वि के अन्य सभी लोग शिरकत करते है,..
ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद। मनुवाद मुर्दाबाद। जातिवाद मुर्दाबाद।
ब्राह्मणवादी संस्कृति को एक टक्कर और दो।
बोल रे साथी जय भीम। हम भी बोले जय भीम। तुम भी बोलो जय भीम।
7.ये नारे जातिवादी नहीं हैं. ये कैसे कह सकते है .
उत्तर . एक जाती के खिलाफ खुला नारा है. किसी मनु या किसी ब्राह्मण का क्या दोष . कोई जय भीम कहे तो जातिविरोधी और एनी पर जाती का तोहमत .

8. आज मैं जो कुछ भी हूं, वह बाबा साहब अंबेडकर की वजह से ही हूं।
उत्तर . क्यों पुराने धर्म को क्यों भूल गए. अंबेडकर ने यह नहीं कहा था कि मुफ्त का पाओ माल उडाओ नहीं तो दलित. कितने दलितों की सहायता कि है आपने .
9. एकेडेमिक्स से जुड़ा हुआ व्यक्ति होने के नाते मुझे अधिकार है कि मैं राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाली किसी भी विचारधारा को सार्वजनिक रूप से अमल में लाऊं।
उत्तर .और कभी किसी भी शिक्षक बैठक में न जाऊ, पर दलित नाम का लाभ उठाने के लिए हर जगह जाऊ. किसी दलित को शोध न कराऊ, पर गलत मेडिकल मेडिकल बिल भुनाऊ. और बिना छुट के हैदराबाद जरूर जाऊ</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>rashtr12 said:<br />
इसे आप प्रश्नोत्तर शैली में पढ़ें<br />
1.सबसे पहले मैं आपको भारतीय इतिहास में 6 दिसंबर की तारीख का महत्व बता दूं।<br />
उत्तर . जैसे इतिहास यही पढ़े है और कोई नहीं.<br />
2. इस तारीख को भारतीय संविधान के रचयिता बाबा साहेब अंबेडकर का निधन हुआ था और इतिहास इस दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाता है।<br />
उत्तर . किसी के जन्मदिन पर किसी को क्या आपत्ति.<br />
3. सांप्रदायिक ताकतों ने बाबरी मस्जिद को गिराने के लिए जानबूझ कर इस दिन को चुना।<br />
उत्तर . दरअसल आप तब इतने बड़े बुद्धिजीवी नहीं बने थे अन्यथा लोग आपसे नव दलित ब्राहमण से तिथि तय करते.<br />
4. जाति की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए जब कोई सेकुलर व्यक्ति कुछ काम करता है, तो मैं उसे सेकुलर जातिवाद कहता हूं। और ऐसा करने वाले को मैं सेकुलर जातिवादी कहता हूं।<br />
उत्तर . आप से बड़ा जातिवादी कौन है . जो कि वि वि में सिर्फ दलित अध्यापको से बात चीत करता है सामाजिक न्याय का दुश्मन आपसे बड़ा कौन है जो दलित -२ तो कहता है पर आजतक किसी विद्यार्थी को शोध नहीं करा रहा है. नहीं तो इसके पीछे क्या कारन हो सकते है.<br />
5. वह दिखावे के लिए उदार और प्रगतिशील हो सकता है,<br />
उत्तर . यह तो आप है ही.<br />
5. मैंने इस जुलूस में शामिल होने का फैसला किया, क्योंकि ये जुलूस जाति विरोधी था।<br />
उत्तर . अर्थात जो आप करेंगे जातिविरोधी और दूसरे करे तो जातीवादी हा हा हा<br />
6. मैं ये देखकर काफी खुश हुआ कि अलग अलग जाति के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने जुलूस में शिरकत की और जातिवाद के खिलाफ नारे लगाये।<br />
उत्तर . जब कभी शिक्षक संघ की बैठक हुई तब आप कभी नहीं आयी . क्यों क्योकि आप जातीय ग्रंथि से पीडीत है . जबकि वि वि के अन्य सभी लोग शिरकत करते है,..<br />
ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद। मनुवाद मुर्दाबाद। जातिवाद मुर्दाबाद।<br />
ब्राह्मणवादी संस्कृति को एक टक्कर और दो।<br />
बोल रे साथी जय भीम। हम भी बोले जय भीम। तुम भी बोलो जय भीम।<br />
7.ये नारे जातिवादी नहीं हैं. ये कैसे कह सकते है .<br />
उत्तर . एक जाती के खिलाफ खुला नारा है. किसी मनु या किसी ब्राह्मण का क्या दोष . कोई जय भीम कहे तो जातिविरोधी और एनी पर जाती का तोहमत .</p>
<p>8. आज मैं जो कुछ भी हूं, वह बाबा साहब अंबेडकर की वजह से ही हूं।<br />
उत्तर . क्यों पुराने धर्म को क्यों भूल गए. अंबेडकर ने यह नहीं कहा था कि मुफ्त का पाओ माल उडाओ नहीं तो दलित. कितने दलितों की सहायता कि है आपने .<br />
9. एकेडेमिक्स से जुड़ा हुआ व्यक्ति होने के नाते मुझे अधिकार है कि मैं राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाली किसी भी विचारधारा को सार्वजनिक रूप से अमल में लाऊं।<br />
उत्तर .और कभी किसी भी शिक्षक बैठक में न जाऊ, पर दलित नाम का लाभ उठाने के लिए हर जगह जाऊ. किसी दलित को शोध न कराऊ, पर गलत मेडिकल मेडिकल बिल भुनाऊ. और बिना छुट के हैदराबाद जरूर जाऊ</p>
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		<title>By: रंगनाथ सिंह</title>
		<link>http://jantantra.com/2010/02/06/prof-reply-to-vc-vibhuti-narayan-rai/comment-page-1/#comment-1958</link>
		<dc:creator>रंगनाथ सिंह</dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Feb 2010 20:26:31 +0000</pubDate>
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		<description>अदभुत जवाबी- पत्र है। प्रेरक और उदात्त। प्रो करुण्यकारा किस विषय पर लिखते हैं ? इनका परिचय देते तो अच्छा होता। ऐसे साहसी व्यक्ति अकैडमिक दुनिया में कम ही बचे हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अदभुत जवाबी- पत्र है। प्रेरक और उदात्त। प्रो करुण्यकारा किस विषय पर लिखते हैं ? इनका परिचय देते तो अच्छा होता। ऐसे साहसी व्यक्ति अकैडमिक दुनिया में कम ही बचे हैं।</p>
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		<title>By: Manish</title>
		<link>http://jantantra.com/2010/02/06/prof-reply-to-vc-vibhuti-narayan-rai/comment-page-1/#comment-1957</link>
		<dc:creator>Manish</dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Feb 2010 11:50:20 +0000</pubDate>
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		<description>Mandal Ji
congratulations for such a wonderful piece of writing..</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Mandal Ji<br />
congratulations for such a wonderful piece of writing..</p>
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