महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल राय अंकित के ख़िलाफ़ जांच का आदेश दे दिया गया है। अनिल राय अंकित पर आरोप है कि उन्होंने दूसरों की किताबों से कंटेंट चुरा कर अपनी किताबें प्रकाशित करवाई हैं। जांच का काम प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह कुशवाहा को सौंपा गया है। सुरेंद्र सिंह कुशवाहा रांची युनिवर्सिटी और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति रह चुके हैं।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर इस बारे में कुलपति का पत्र पोस्ट कर दिया गया है। उसके मुताबिक जांच का आदेश इसी महीने की 12 तारीख को दिया गया। और अब वो आदेश वेबसाइट पर डाल दिया गया है। आदेश में सुरेंद्र सिंह कुशवाहा से अंकित के ख़िलाफ़ जांच जल्द से जल्द पूरी करने की अपील की गई है। हालांकि उसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं हुई है।
इसी साल छह फरवरी को जब कुलपति वी एन राय से अंकित पर लगे आरोपों के बारे में पूछा गया था तो पहले तो उन्होंने कहा कि हफ़्ते दस दिन में जांच पूरी हो जाएगी। लेकिन उसी इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि इस शिक्षा सत्र में जांच पूरी होगी या नहीं यह जांचकर्ता के ऊपर निर्भर है। अब देखना है कि अंकित के ख़िलाफ़ शिकायतें मिलने के कई महीने बाद गठित हुई यह जांच समिति कितने दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपती है और उस पर कितने दिन में कार्रवाई होती है।
अनिल राय अंकित पर लगे आरोपों के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
1. वी एन राय ने एक नकलची को बना रखा है एचओडी
2. वर्धा का विलेन : डॉक्टर अनिल कुमार राय अंकित
युनिवर्सिटी की वेबसाइट पर इस संबंध में जारी आदेश की प्रति -
रंगनाथ सिंह
February 22, 2010 at 1:56 am
भाई, ये ये जांच भी फर्जी है। सत्ताचक्र ब्लाग पर जाकर देख लें कि जांचकर्ता कौन है। और इस जांच का नतीजा क्या हो सकता है ! लगता है कि ठगों का पूरा गिरोह ही सक्रिय है। सत्ताचक्र का लिंक मेरे ब्लाग पर भी मौजूद है।
रंगनाथ सिंह
February 22, 2010 at 2:00 am
http://vipakshkasvar.blogspot.com/
http://sattachakra.blogspot.com/
जो लिंक काम करे उसके माध्यम से ‘सत्ताचक्र’ देख लें।
रमेश
February 22, 2010 at 10:15 am
जांच क्या होगी, तमाशा होगा। तू मुझे सराहे, मैं तुझे सराहूं की तर्ज पर एक दूसरी की तारीफ की जाएगी। हवाई यात्रा के नाम पर मौज होगी। सरकारी खजाने की लूट होगी। पांच सितारों होटलों में ऐश होगी। और उसके बाद … जो नतीजा होगा वो आप भी जानते हैं और हम भी।