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गायत्री महाकुंभ की तैयारी बनी खंडूरी के लिए अग्नि-परीक्षा

हरिद्वार से तारा पाटकर

हरिद्वार। उत्तराखंड की दोबारा गद्दी संभालने वाले मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी के लिए गायत्री महाकुंभ पहली अग्निपरीक्षा बन गया है। इस महाकुंभ के सफल आयोजन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री येदुरप्पा के कारण दामन पर लगे कीचड को धोना चाहती है और विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खडे उत्तराखंड में सुराज का संदेश देना चाहती है। देवनगरी हरिद्वार में 6-10 नवंबर तक होने वाला गायत्री महाकुंभ खंडूरी सरकार के लिए सबसे बडी चुनौती बन गया है। महाकुंभ में दुनिया भर से 50 लाख से ज्यादा श्रृद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री बनने के बाद खंडूरी आज पहली बार हरिद्वार आये और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही अफसरों के पेंच कसकर मुख्यमंत्री ने अपने इरादे साफ कर दिये।
अगले कुछ महीने बाद जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उसमें उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड भी शामिल है। हरिद्वार में गायत्री महाकुंभ की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं तो सत्तारूढ भाजपा के साथ-साथ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी चुनावी मैदान में कूद पडी है। कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी की हरिद्वार से देहरादून तक चार दिन की पदयात्रा की तैयारियों में जुटा है तो कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी नवंबर में ही कर्णप्रयाग-ऋषिकेश प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने यहां आ रही हैं। इसी तरह अन्य प्रमुख राजनैतिक दल भी सियासी समर में कूद पडे हैं।
गायत्री परिवार के संस्थापक युगपुरूष श्रीराम शर्मा आचार्य की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर यहां महाकुंभ आयोजित किया जा रहा है। गंगा नदी के तट पर इस महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए 80 देशों से श्रृद्धालु आ रहे हैं। पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। स्वागत द्वार बनाये जा रहे हैं। मेहमानों के लिए 24 नगर बसाये जा रहे हैं। उनको आपस में जोडने के लिए पांच अस्थाई पुलों का निर्माण हो रहा है। विभिन्न राज्यों से इस महाकुंभ में समयदान और श्रमदान करने के लिए 30 हजार से अधिक स्वयंसेवक आ चुके हैं। उनके रहने-खाने और सुरक्षा आदि के विशेष इंतजाम किये जा रहे हैं। हरिद्वार के जिलाधिकारी डी सैंथिल पाण्डियन ने अधिकारियों को पेयजल, स्वास्थ्य, सडक और चिकित्सा सुविधाओं की तैयारियों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिये। प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को 9 सेक्टरों में विभाजित किया है और पुलिस अफसरों व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात कर रहा है। अग्नि सुरक्षा के लिए छह फायर स्टेशन मेला क्षेत्र में बनाये जा रहे हैं।
गायत्री महाकुंभ में देश-विदेश से आ रहे लाखों श्रृद्धालुओं के अलावा देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के अगुआ अन्ना हजारे, धर्मगुरू दलाई लामा, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी आदि के आने की भी संभावना है। विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पांडया भी इस महाकुंभ में आने वाले श्रृद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
उन्होंने कहा कि गायत्री महापरिवार को इस बात पर गर्व है कि देश भर के 30 हजार से अधिक स्वयं सेवकों ने स्वयं यहां आकर इस महाकुंभ के लिए ढांचागत सुविधाएं तैयार करने में श्रमदान करने का अनुरोध किया। वे यहां सारे दिन घास कटाई से लेकर टेंट लगवाने, पत्थर बीनने, सफाई करने में जुटे हुए हैं। सबसे खास बात यह है कि 50 वर्ग किलोमीटर में लग रहे टेंट व अन्य निर्माण कार्यों के लिए वहां के किसी भी पेड को क्षति नहीं पहुंचाई गई बल्कि उनको संरक्षित करते हुए सारे काम-काज किये जा रहे हैं। अनिवासी भारतीयों के लिए यहां अटैच टायलेट वाले 600 स्विस टेन्ट स्थापित किये जा रहे हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए अस्थाई आवास बनाये जा रहे हैं और उनके पसंद के खान-पान की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा बाहर से आने वाले मेहमानों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए शहर के 80 फीसदी होटल और लाज बुक कर दिये गये हैं।
डा. पांडया ने बताया कि युगपुरूष पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के जन्म शताब्दी समारोह का मुख्य उद्देश्य जनता तक उनकी अत्यंत उपयोगी शिक्षाएं पहुंचाना है ताकि वर्तमान विषम हालत में भारी मानसिक तनाव और दूषित वातावरण में फंसी मानव जाति को बाहर निकलने का मार्ग बताया जा सके। नये युग का सूत्रपात किया जा सके।

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