रामकुमार सिंह– यह सिनेमा पर बहस से इतर बहसतलब के माहौल को बताने की कोशिश है। बौद्धिक विमर्श इस पोस्ट में मेहमान की तरह दिख जाए तो बात अलग है,…
बहसतलब पर आपने अलग अलग लेखकों द्वारा अलग अलग रिपोर्ट की झलक देखी । दरअसल ज्यादातर रिपोर्टों को प्रकाशित करने का हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि हमारे पाठक यह…
इस मामले में बड़ी गड्डमड्ड स्थिति है। हम सिर्फ स्त्री-पुरुष, विवाहेतर संबंधों में फंसकर रह जाते हैं। देवर-भाभी, बहन सब पर फिल्में बनी हैं लेकिन आज नहीं हैं। मां-बेटे के…
जनतंत्र, मोहल्ला लाइव औऱ यात्रा के सौजन्य से आयोजित बहसतलब पांच मे शिरकत कर रहे वक्ताओं से जनतंत्र.कॉम ने इस पहल और इसके अन्य पहलुओं पर बात की । पिंजर…
मीडिया का ओनरशिप कैरेक्टर समझे बिना पत्रकारिता और उसकी सीमाओं को समझना मुश्किल होगा। जिस मीडिया को करोड़ों रुपये मैनेज करना होता है, वो देश की चिंता क्यों करेगा? बहसतलब…
♦ मां, मुझे सिर्फ मेरी आज़ादी दे दो। रो कर या प्यार से मुझे वापस न बुलाओ। मैं घर आने से सिर्फ इसलिए डरता हूं कि अगर घर पर ये…
यह बहसतलब की ही कड़ियां हैं। अभिव्यक्ति माध्यमों में आम आदमी की बहस हैबिटैट से निकल कर यहां, मोहल्ला लाइव पर शुरू हुई। शीबा ने सवाल उठाया था कि हिंदी…
“अगर एक फिल्म में कैटरीना कैफ का पोस्टर हो और दूसरे में किसी दलित या आदिवासी हीरो या हीरोइन का, तो दलित और आदिवासी भी कैटरीना की फिल्म ही दिखेंगे।“…
मोहल्ला लाइव, जनतंत्र और यात्रा बुक्स के आयोजन बहसतलब दो अचानक पहुंच कर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने सबको चौंका दिया। बात उन्हीं से शुरू हुई। अनुराग ने कहा कि…
मोहल्ला लाइव, यात्रा बुक्स और जनतंत्र के साझा सेमिनार में भिड़े दिग्गज साहित्य और मीडिया दो ऐसे पड़ोसी देश की तरह हैं जो हमेशा एक दूसरे से लड़ते रहते हैं।…
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