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‘सूरजकुंड में स्टार तो थे पर उनमें स्टारडम की फूंक नहीं थी’

‘सूरजकुंड में स्टार तो थे पर उनमें स्टारडम की फूंक नहीं थी’

रामकुमार सिंह– यह सिनेमा पर बहस से इतर बहसतलब के माहौल को बताने की कोशिश है। बौद्धिक विमर्श इस पोस्‍ट में मेहमान की तरह दिख जाए तो बात अलग है,…

सिने सफर मुख्तसर

सिने सफर मुख्तसर

बहसतलब पर आपने अलग अलग लेखकों द्वारा अलग अलग रिपोर्ट की झलक देखी । दरअसल ज्यादातर रिपोर्टों को प्रकाशित करने का हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि हमारे पाठक यह…

हम विवाहेतर संबंधों में फंसकर रह गये हैं-विनोद अनुपम

हम विवाहेतर संबंधों में फंसकर रह गये हैं-विनोद अनुपम

इस मामले में बड़ी गड्डमड्ड स्थिति है। हम सिर्फ स्त्री-पुरुष, विवाहेतर संबंधों में फंसकर रह जाते हैं। देवर-भाभी, बहन सब पर फिल्में बनी हैं लेकिन आज नहीं हैं। मां-बेटे के…

युवा आखरी पायदान के बारे में पूछ रहे हैं, पहले पायदान पर कोई नहीं चढना चाहता -अनुराग कश्यप

युवा आखरी पायदान के बारे में पूछ रहे हैं, पहले पायदान पर कोई नहीं चढना चाहता -अनुराग कश्यप

जनतंत्र, मोहल्ला लाइव औऱ यात्रा के सौजन्य से आयोजित बहसतलब पांच मे शिरकत कर रहे वक्ताओं से जनतंत्र.कॉम ने इस पहल और इसके अन्य पहलुओं पर बात की । पिंजर…

वैकल्पिक मीडिया ही एकमात्र रास्ता

वैकल्पिक मीडिया ही एकमात्र रास्ता

मीडिया का ओनरशिप कैरेक्‍टर समझे बिना पत्रकारिता और उसकी सीमाओं को समझना मुश्किल होगा। जिस मीडिया को करोड़ों रुपये मैनेज करना होता है, वो देश की चिंता क्‍यों करेगा? बहसतलब…

EXCLUSIVE: अनुराग की उड़ान के कुछ पुराने पन्ने

EXCLUSIVE: अनुराग की उड़ान के कुछ पुराने पन्ने

♦ मां, मुझे सिर्फ मेरी आज़ादी दे दो। रो कर या प्यार से मुझे वापस न बुलाओ। मैं घर आने से सिर्फ इसलिए डरता हूं कि अगर घर पर ये…

बकबक मत कीजिए, दम है तो माहौल बदलिए

बकबक मत कीजिए, दम है तो माहौल बदलिए

यह बहसतलब की ही कड़‍ियां हैं। अभिव्‍यक्ति माध्‍यमों में आम आदमी की बहस हैबिटैट से निकल कर यहां, मोहल्‍ला लाइव पर शुरू हुई। शीबा ने सवाल उठाया था कि हिंदी…

कैटरीना कैफ, अनुराग कश्यप और नामवर का आम आदमी

कैटरीना कैफ, अनुराग कश्यप और नामवर का आम आदमी

“अगर एक फिल्म में कैटरीना कैफ का पोस्टर हो और दूसरे में किसी दलित या आदिवासी हीरो या हीरोइन का, तो दलित और आदिवासी भी कैटरीना की फिल्म ही दिखेंगे।“…

बहसतलब “दो” में अचानक पहुंचे अनुराग कश्यप

बहसतलब “दो” में अचानक पहुंचे अनुराग कश्यप

मोहल्‍ला लाइव, जनतंत्र और यात्रा बुक्‍स के आयोजन बहसतलब दो अचानक पहुंच कर फिल्‍म निर्देशक अनुराग कश्‍यप ने सबको चौंका दिया। बात उन्‍हीं से शुरू हुई। अनुराग ने कहा कि…

लेखक बेहतर राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता हो सकते हैं, पर वे सुस्‍त हैं

लेखक बेहतर राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता हो सकते हैं, पर वे सुस्‍त हैं

मोहल्‍ला लाइव, यात्रा बुक्‍स और जनतंत्र के साझा सेमिनार में भिड़े दिग्‍गज साहित्य और मीडिया दो ऐसे पड़ोसी देश की तरह हैं जो हमेशा एक दूसरे से लड़ते रहते हैं।…