Subscribe by Email

Home » Archives by category » ब्लॉग (Page 11)

छिनाल कहना लोकतांत्रिक हक़ है, इस्तीफा मांगने वाले फासिस्ट

छिनाल कहना लोकतांत्रिक हक़ है, इस्तीफा मांगने वाले फासिस्ट

अभी शाम छह बजे स्‍टार न्‍यूज पर छिनाल प्रकरण में बैठाये गये पैनल पर बोलते हुए मैंने वर्धा विश्‍वविद्यालय के वीसी विभूति नारायण राय को भी सुना और वर्धा विश्‍वविद्यालय की…

विभूति को बर्खास्त किया जाए: कृष्णा सोबती

विभूति को बर्खास्त किया जाए: कृष्णा सोबती

♦ आशुतोष भारद्वाज ♦♦महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति और भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी वीएन राय ने हिंदी की एक साहित्यिक पत्रिका को दिये साक्षात्कार में कहा…

विभूति नारायण राय से बड़ा लफंगा नहीं देखा: मैत्रयी पुष्पा

विभूति नारायण राय से बड़ा लफंगा नहीं देखा: मैत्रयी पुष्पा

विकास के साथ ही दिल्ली लौट आने पर विभूति ने कहा कि ‘वह आपको कबतक बचायेगा।’ सच बताऊं मेरी इतनी उम्र हो गयी है फिर भी कभी विभूति पर भरोसा…

“लेखिकाओं में होड़ लगी है कि वो सबसे बड़ी छिनाल हैं”

“लेखिकाओं में होड़ लगी है कि वो सबसे बड़ी छिनाल हैं”

विभूति नारायण राय। वो शख़्स जो पुलिस में ऊंचे पदों पर रहे। बहुत से प्रतगिशील लेखकों और विचारकों के मुताबिक पुलिसवाले सरकार के सुपारी किलर होते हैं। लेकिन विभूति ने…

“लुच्चों” के बीच कुछ “शव” थे और कुछ “शावक”

“लुच्चों” के बीच कुछ “शव” थे और कुछ “शावक”

स्‍वामी अग्निवेश ने हंस की गोष्‍ठी में एक संदर्भ का जिक्र किया था। जब हेमचंद्र पांडे की लाश को दिल्‍ली लाया गया, तो यह सवाल उठा कि आखिर उस लाश…

मैं राज्य की हिंसा का समर्थन करूंगा: विभूति

मैं राज्य की हिंसा का समर्थन करूंगा: विभूति

हिंदुस्‍तान में उत्तरपूर्व के अलावा छत्तीसगढ़ और कश्‍मीर वे जगहें हैं, जहां कानून हमेशा मुल्‍तवी रहता है। जम्‍हूरियत का मूल आधार आज कंसंट्रेशन कैंप हो गया है। राज्‍यसत्ताएं आज बहुत…

विभूति और आलोक मेहता से शर्मसार है हिंदी

विभूति और आलोक मेहता से शर्मसार है हिंदी

हिंदी लिटरेचर की दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच कही जानेवाली पत्रिका हंस की संगोष्ठी में जो नजारा हमने देखा, उससे एक साथ कई चीजें तार-तार हो गयीं। इस संगोष्ठी…

हंस की गोष्ठी में हंगामा, “चोर” जैसे भागे विभूति और आलोक मेहता

हंस की गोष्ठी में हंगामा, “चोर” जैसे भागे विभूति और आलोक मेहता

हंस की सालाना गोष्ठी हंगामेदार रही। पूर्व आईपीएस अधिकारी और महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय और नई दुनिया के संपादक आलोक मेहता गोष्ठी के बीच…

सोनभद्र में हिंदुस्तान के संवाददाता की हत्या

सोनभद्र में हिंदुस्तान के संवाददाता की हत्या

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में हिंदुस्तान के एक संवाददाता की बेरहमी से हत्या कर दी गयी है। हत्यारों ने वारदात के बाद पत्रकार के जिस्म पर चाकू से “खून…

ख़बरों की ख़बर क्यों जरूरी: जोरदार रही बहस

ख़बरों की ख़बर क्यों जरूरी: जोरदार रही बहस

“ख़बरों की ख़बरः क्यों और कितना जरुरी?” को लेकर प्रेस क्लब में गर्माहट का माहौल बना रहा। सलाह, नसीहतें और असहमति के बीच से जो भी कुछ निकलकर सामने आया,उसका…