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Home » Archives by category » मुद्दा (Page 4)

अरुंधति तुमने चिदंबरम को ऑक्सीजन क्यों दिया?

♦ विश्वदीपक ♦ करीब एक दशक पहले इलाहाबाद के आनंद भवन (जहां हिंदुस्तान के कॉरपोरेट नीति के पैगंबर जवाहर लाल नेहरू पैदा हुए थे जिसका एक छोर अन्ना तक जाता…

“जाओ अरुंधति अब हम तुम्हें प्यार नहीं करेंगे”

♦ विश्वदीपक ♦ अरुंधति इस दौर की महान लेखिका हैं। वो दूसरे लेखकों की तुलना में बड़ी इसलिए हैं क्योंकि वो सिर्फ लिखती नहीं हैं। अपने-अपने स्तर पर संघर्ष कर…

चटर-पटर करने वाले विचारकों से अन्ना बेहतर

चटर-पटर करने वाले विचारकों से अन्ना बेहतर

♦ राजकिशोर ♦ पिछली बार की तरह इस बार भी अन्ना हजारे के आलोचक कुछ ठिठकते हुए और कुछ नाजो-अदा के साथ सामने आने लगे हैं। अन्ना द्वारा अनशन शुरू…

अन्ना में वो दोहरा चरित्र नहीं है जो आजकल के नेताओं में नज़र आता है

अन्ना में वो दोहरा चरित्र नहीं है जो आजकल के नेताओं में नज़र आता है

♦ आशुतोष ♦ सिर पर गांधी टोपी। सफेद धोती-कुर्ता। सांवला दबा रंग। कद पांच फिट, पांच इंच। बोलचाल में गंवई, रत्ती भर भी शहर का पुट नहीं। न अंग्रेजी की…

फिर वही सम्पूर्ण क्रांति!

♦ शशि शेखर ♦ गए बुधवार की सुबह रांची जाना था। टैक्सी ड्राइवर को कहीं से मालूम पड़ गया कि मैं अखबारनवीस हूं। उसने पंजाबी मिश्रित हिंदी में पूछा कि…

कहीं न कहीं गंगा नहाए

♦ यशवंत व्यास ♦ जिनके सिर पर केश राशि नहीं है, वे बाल उगाने की कला पर बयान जारी कर रहे हैं। जिनके पेट में साठ बरस से सैकड़ों चिकन…

हम जानते हैं कौन “दल्ला” है और कौन “दल्लागिरी” कर रहा है

हम जानते हैं कौन “दल्ला” है और कौन “दल्लागिरी” कर रहा है

नया-नया पत्रकार बना था। दोस्त की शादी में गया था। दोस्त ने अपने एक ब्यूरोक्रेट रिश्तेदार से मिलवाया। अच्छा आप पत्रकार हैं? पत्रकार तो पचास रुपये में बिक जाते हैं।…

गैरजिम्मेदारी और भ्रष्टाचार के सायों से घिरी मीडिया की साख अब दांव पर

गैरजिम्मेदारी और भ्रष्टाचार के सायों से घिरी मीडिया की साख अब दांव पर

सबको खबर देने और सबकी खबर लेने का दावा करने वाला, अपने को जनता का पक्षधर और सबसे तेज, निर्भीक व निष्पक्ष बताने वाला मीडिया राडिया टेपों के प्रकाश में…

तुच्छ सियासी फायदे के लिए किया गया आरक्षण का बेजा इस्तेमाल

तुच्छ सियासी फायदे के लिए किया गया आरक्षण का बेजा इस्तेमाल

भारतीय संविधान के अनुच्छेद-340 में कहा गया है कि ‘राष्ट्रपति भारत के सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की दशाओं व कठिनाइयों के अन्वेषण के लिए और उन कठिनाइयों…

नीतीश याद रखें कि जात-पात से ऊपर एक नया हिंदुस्तान बन रहा है

नीतीश याद रखें कि जात-पात से ऊपर एक नया हिंदुस्तान बन रहा है

चुनाव के दौरान लालू यादव से मिलने गया था। अभी बैठा ही था कि लालू बोल उठे, अरे वो चैनल वाला आया था। पैसे मांग रहा था। मैंने मना कर…