इस समय माओवादियों के सवाल पर जनमत विभाजित है। ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो माओवादी रास्ते का समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि आदिवासियों पर जिस तरह जुल्म ढाया जा रहा है और कुछ कारपोरेट…
हिन्दी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में कुछ पत्रकार एक अजीब काम कर रहे हैं। वे नक्सलवाद का खुल कर समर्थन नहीं करते, पर कहानियाँ ऐसी लिखते हैं या यात्रा वर्णन…
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