मुझे नहीं बर्दाश्त होता ये सीना ठोककर सत्ता की दलाली करेंगे। रोटी, दाल, पानी, जंगल से जुड़ी बुनियादी जरूरतों के लिए किये जा रहे संघर्ष को देशद्रोह बताएंगे... और हम…
हिंदी लिटरेचर की दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच कही जानेवाली पत्रिका हंस की संगोष्ठी में जो नजारा हमने देखा, उससे एक साथ कई चीजें तार-तार हो गयीं। इस संगोष्ठी…
हंस की सालाना गोष्ठी हंगामेदार रही। पूर्व आईपीएस अधिकारी और महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय और नई दुनिया के संपादक आलोक मेहता गोष्ठी के बीच…
मीडिया संस्थानों की आय का मुख्य स्रोत विज्ञापन हैं। विज्ञापनों का स्तर कैसा हो यह फैसला अख़बार या मीडिया संस्थान का होता है। बड़े अख़बारों में विज्ञापन लेते वक़्त एक…
आलोक मेहता। कुछ समय पहले तक आउटलुक हिंदी के संपादक। अब नई दुनिया के प्रधान संपादक। बतौर साहित्यकार पद्म सम्मान हासिल करने वाले पत्रकार। सत्ताधारी यूपीए के बेहद करीबी कलमबाज।…
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को एक तरह से नई दुनिया ने अपना ब्रांड एम्बेडसर बना लिया है। शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता है जब उनकी तस्वीर नई दुनिया के किसी…
नई दुनिया के दिल्ली संस्करण ने एक साल पूरा कर लिया है। पिछले साल दो अक्टूबर को ही यह अख़बार पूरे ताम-झाम के साथ लॉन्च हुआ था। राजधानी के एक…
नई दुनिया ने प्रतिभा पाटिल के बेटे राजेंद्र सिंह शेखावत के बारे में माहौल बनाने के लिए सभी घोड़े खोल दिये हैं। शुक्रवार को भी नई दुनिया में एक ऐसी…
नई दुनिया में शुक्रवार को 12वें पेज पर प्रतिभा पाटिल की तस्वीर छपी है। भारतीय मूल के पीटर वर्गीज के साथ। पीटर वर्गीज भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बने हैं।…
संबंध निजी होते हैं और संबंधों को हर कोई निभाता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति किसी संस्थान के शीर्ष पर बैठा हो और वो उस संस्थान को निजी संबंधों को…
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