मीडिया सामाजिक बदलावों का नहीं बल्कि यथास्थिति बनाए रखने का हथियार है। ऐसा हथियार जिसके ज़रिए अगड़ी जातियों के लोग अवर्णों का हक़ मार रहे हैं। यह एक बहुत ही…
कुछ दिन पहले एक पत्रकार साथी ने सरसरी तौर पर एक बात कही। उन्होंने बताया कि “बिहार और झारखंड के मीडिया सर्किल के एक ख़ास तबके के बीच एक चर्चा…
प्रभाष जोशी ने प्रमोद रंजन के जिस लेख का जवाब दिया है वो लेख एक व्यापक नज़रिए से लिखा गया है। इसमें प्रमोद रंजन ने कहीं नहीं कहा है कि…
चलिए प्रभाष जोशी ने जवाब तो दिया वरना हमें तो लगने लगा था कि उम्र की इस दहलीज पर आ कर उन्हें सुनाई और दिखाई कम देने लगा है। तभी…
“बेशक साधु की जाति न पूछें। लेकिन साधु के भेष में आने वाले हर व्यक्ति के बारे में इतनी जांच तो जरूर कर लें कि वह साधु है भी या…
बचपन में एक किस्सा सुनते थे कि एक राजा ने बंदर पाल रखा था। एक दिन सोते वक़्त उसने बंदर से कहा कि किसी को पास मत फटकने देना। आज्ञाकारी…
एसपी का साक्षात्कार जब छपा था (13 साल पहले) तबसे लेकर अब तक हालात में कोई बड़ी तब्दीली नहीं आई है। मुझे याद है साल 2004 में आईआईएमसी के मेरे…
प्रभाष जोशी चुप हैं। चुप्पी एक हथियार है। वो हथियार जिससे सत्ता बड़े से बड़े आंदोलन को दबाती है। प्रभाष जोशी पत्रकारिता के शलाका पुरुष हैं। वो इस हथियार से…
प्रभाष जोशी के इंटरव्यू पर जो बहस शुरू हुई है – उस पर कुछ “जनसत्ताइयों” की प्रतिक्रया आई है। उन सभी का एक ही दर्द है कि प्रभाष जोशी के…
“……..अपने यहां मुसलमान कौन हुए? मुसलमान वो हुए, जो हाथ से काम करने वाले लोग थे. जुलाहे, लोहार, कुम्हार जो-जो भी हाथ से काम करने वाले लोग थे और जिनको…
Recent Comments