अभिव्यक्ति की आज़ादी क्या है? क्या भारत में आप और हम बोलने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं? क्या लोकतंत्र का चौथा स्तंभ – मीडिया पूरी तरह आज़ाद है? ये…
((कुछ दिन पहले जनतंत्र पर आपने वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी जी के लेख का पहला हिस्सा पढ़ा। “सारे पत्रकार दलाल बन गए हैं” में उन्होंने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के सच…
((सत्ता का आतंक क्या होता ये जानना है तो आप छत्तीसगढ़ जाइये। वहां सरकार और कंपनियों की तानाशाही चल रही है। इस तानाशाही के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की जगह मीडिया…
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