मकबूल फिदा हुसैन के समर्थन में इन दिनों मोटे तौर पर तीन तर्क दिए जा रहे हैं। हुसैन की कला को समझो, उनके सिम्बॉलिज्म और रेखाओं के विस्तार को समझो।…
इस्लामिक कट्टरता और पुरुष के पुरुष होने के ख़िलाफ़ किसी भी आम मुस्लिम स्त्री के भीतर चल रही लड़ाई उतनी ही पैनी हैं जितना तसलीमा के उपन्यासों का कथानक। उनमें…
मकबूल फ़िदा हुसैन को कतर की नागरिकता दिये जाने पर फिर से उन्हें खोने का एहसास हो रहा। लेकिन राजनीति की बिसात पर हुसैन बस मोहरा बन कर रह जाते…
एड्स की रोकथाम के लिए जर्मनी में बने विज्ञापन ने हंगामा खड़ा कर दिया है। इस विज्ञापन में एक जोड़ा एक अपार्टमेंट में सेक्स कर रहा है। उस विज्ञापन के…
कुछ शब्द ही घृणा के पर्याय बन जाते हैं। कुछ उनकी कुदरत वैसी होती है और कुछ मदद लोगों की धारणा और इतिहास की कहानियां कर देती हैं। हिटलर, स्टालिन,…
प्रभाष जोशी के विचार न किसी बुढ़भस का नतीजा हैं, न बुढ़ापे का विचलन। उन्होंने जो कुछ भी कहा है, बहुत सोच-समझ कर कहा है और अब भी यह मानते…
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