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IPL भोग की संस्कृति और लूट का प्रतीक है

IPL भोग की संस्कृति और लूट का प्रतीक है

गांव के स्कूल में सुना। धोती-कुर्ता वाले मास्टर से। भावार्थ था- अगर जीवन में धन चला जाये, कोई चिंता नहीं। मान लो कुछ नहीं खोया। स्वास्थ्य गिरा, तो समझो नुकसान…

बिन मुद्दों की सूनी सियासत

बिन मुद्दों की सूनी सियासत

मुद्दे, राजनीति के सुहाग हैं. बिन मुद्दे राजनीति उजड़ी, सूनी और अर्थहीन है. प्रसंग था, अर्थनीति, महंगाई और देश के गरीब. लोकसभा में डॉ राममनोहर लोहिया ने पहले ही भाषण…

क्या हमारे नेता बेशर्म हो गए हैं?

क्या हमारे नेता बेशर्म हो गए हैं?

क्या कभी हमारे देश का राजनीतिक माहौल ऐसी शर्मनाक स्थिति में रहा है, जैसा की अभी है? अख़बारों के पहले पन्ने पर जिस तरह की ख़बरें रोज़ आ रही हैं,…

संघर्ष कहां, आदर्श कहां… चारण और सूबेदारों का राज है

संघर्ष कहां, आदर्श कहां… चारण और सूबेदारों का राज है

पहले चरण में वोट फ़ीसदी घटा है. झारखंड विधानसभा चुनावों में. एक स्रोत का मानना है, बीस वर्षों में सबसे कम मत पड़े. खासतौर से शहरों में. इससे क्या संकेत…

आखिर कब नेताओं से हिसाब मांगेंगे झारखंड के लोग?

आखिर कब नेताओं से हिसाब मांगेंगे झारखंड के लोग?

दिग्गज वोट मांगते घूम रहे हैं. जिनके दर्शन दुर्लभ हैं, जो सुरक्षा प्राचीरों में घिरे हैं, या जिनके जीवन का महत्वपूर्ण भाग पांच सितारा सुविधाओं में कटता है, वे गली-गांव…

चुप्पी की यह भाषा बहुत खतरनाक है दोस्तों

चुप्पी की यह भाषा बहुत खतरनाक है दोस्तों

इस देश में एक प्रधानमंत्री हुआ करते थे। नाम था पीवी नरसिंह राव। सुना है बड़े विद्वान थे। कई भाषाओं पर उनका अधिकार था। हिंदी तो वे बोलते ही थे,…

जो हरिवंश जी को नहीं जानते, उनके लिए

जो हरिवंश जी को नहीं जानते, उनके लिए

आदरणीय मॉडरेटर, मैं आपकी थोड़े दिनों में मशहूर हो गयी वेबसाइट पर लगातार तथागत के लिखे को पढ़ रहा हूं। उनकी राइटिंग इस बात की ओर इशारा करती है कि…

गैर-सवर्ण अस्मिताओं के लिए प्रभात ख़बर में जगह नहीं

गैर-सवर्ण अस्मिताओं के लिए प्रभात ख़बर में जगह नहीं

प्रभात खबर में भी वही नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो कि पूरे देश के मीडिया में आम हैं। यानी सवर्ण बहुमत वाली संपादकीय टीम। बिज़नेस, सर्कुलेशन आदि विभागों में…

भरोसे की नींव पहले हिली, हरिभाई बाद में अलग हुए

भरोसे की नींव पहले हिली, हरिभाई बाद में अलग हुए

मुझे साइट मॉडरेटर ने बताया कि लोगों की दिलचस्‍पी इस बात में है कि तथागत कौन है। ये एक स्‍वाभाविक सवाल है। इसलिए भी, क्‍योंकि लोगों की दिलचस्‍पी इस बात…

खबर की राजनीति का दूसरा नाम प्रभात खबर

खबर की राजनीति का दूसरा नाम प्रभात खबर

मुद्दे प्रभात खबर के लिए जरूरत भर होते हैं। ये अखबार बड़ी पार्टियों के एजेंट की तरह काम करता है। कहा जा सकता है कि छोटी और अल्‍पकालिक पार्टियों की…

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