भारत के समकालीन लोकतंत्र की ख़ूबियों और उसमें आ रही गिरावटों को कविता में सबसे मुखर सबसे तीखे और सबसे उदास ढंग से दर्ज करने वाले थे हिंदी के वरिष्ठ…
मैं सतीश शेट्टी हूं. मेरी हत्या हुए कुछ दिन बीत गए हैं. पुलिस जांच चल रही है, सीबीआई जांच की मांग भी उठ रही है. कुछ लोग पकड़े भी गए…
सतीश शेट्टी, तुमने हिम्मत कैसे की. कैसे राज़ खोल दिया ग़ैरक़ानूनी ज़मीन पर बने बंगलों का. कैसे बता दिया दुनिया को कि किसानों को बहका कर उनकी ज़मीनें हड़पी जा…
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