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Home » Posts tagged with » Vibha Rani

यह “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्या है जज साब?

यह “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्या है जज साब?

जज साब, मैं प्रियदर्शिनी मट्टू. अभी आपके जेहन से निकली नहीं होऊंगी. अभी अभी तो आपने मेरी तकदीर का निपटारा किया है. जज साब, कानून के प्रति मेरी आस्था थी,…

सेवा के बदले ऐसा अपमान… नारायण नारायण

सेवा के बदले ऐसा अपमान… नारायण नारायण

हे मुनिवर नारद, आपने नारायण नारायण की रट लगा कर भवसागर पार कर ली। आपने ऐसा संदेश दिया कि जो नारायण नाम उचारेगा, उसे किसी भी तरह की मोह माया…

यह वहशी दुनिया तुम्हारे लायक नहीं थी रुचिका

यह वहशी दुनिया तुम्हारे लायक नहीं थी रुचिका

अरी बिटिया रुचिका, अच्छा हुआ, तुम सिधार गई. 19 साल बाद आज के इस हालात से तो बेहतर है कि तुम पहले ही चली गई. क्यों कहूं मैं कि तुम…

विभा रानी को प्रथम "राजीव सारस्वत स्मृति सम्मान"

विभा रानी को प्रथम "राजीव सारस्वत स्मृति सम्मान"

पहला राजीव सारस्वत स्मृति सम्मान सुप्रसिद्ध लेखिका विभा रानी को दिया गया है। राजीव सारस्वत हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम में प्रबंधक (राजभाषा) के रूप में कार्य कर रहे थे। पिछले साल यानी…

“I will try my level best” का मतलब

“I will try my level best” का मतलब

अंग्रेजी भाषा सचमुच कभी कभी बड़ी अच्छी लगती है. ऐसे ऐसे शब्द और भाव इसमें हैं कि इनकी कोई काट आपके पास नहीं मिलेगी. जभी तो अंग्रेज हम पर इतने…

धर्म, समाज, कुंठा और नंगई का कारोबार

धर्म, समाज, कुंठा और नंगई का कारोबार

क्या हो गया अगर अदालत ने नंगई के मामले में मिलिंद सोमण और मधु सप्रे को बरी कर दिया? अरे, नंगई तो कुदरती देन है. है कोई ऐसा, जो यह…

गुजरात एक, बस्तियां अलग… किस्से अलग

उसका नाम प्रवीण है. वह प्राइवेट टैक्सी का ड्राइवर है. नरोदा पटिया में रहता है. समय बिताना था. हमारी गाड़ी अपने गंतव्य को भागी जा रही थी. अहमदाबाद का नया…

‘निंदा रस’ का जिक्र आते ही आंखें चमकने लगीं?

‘निंदा रस’ का जिक्र आते ही आंखें चमकने लगीं?

आह! मन बहुत दुखी है. कम्बख्त बार बार सोचता है कि लेखक ही बनना था तो हिन्दी और मैथिली के क्यों बने? अपने जन्म पर भी अफसोस होता है कि…

मुंबई में कल से बुलंद होगी "स्त्री मुक्ति" की आवाज़

मुंबई में कल से बुलंद होगी "स्त्री मुक्ति" की आवाज़

मुंबई में 8वां महिला नाट्यलेखक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन यानी Women Playwright International (WPI) 1 से 7 नवंबर, 2009 तक मुंबई विश्वविद्यालय के अकेडमी ऑफ थिएटर आर्ट तथा स्त्री मुक्ति संघटना, मुंबई…

आपने “दयाशंकर” की डायरी देखी है? नहीं तो अब देखिए

आपने “दयाशंकर” की डायरी देखी है? नहीं तो अब देखिए

जब भी कोई नाटक किया जाता है तो उसे एक टीम के रूप में ही तैयार किया जाता है. मगर कई बार हो यह जाता है कि एक नाटक शुद्ध…

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