इस समय माओवादियों के सवाल पर जनमत विभाजित है। ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है जो माओवादी रास्ते का समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि आदिवासियों पर जिस तरह जुल्म ढाया जा रहा है और कुछ कारपोरेट…
युद्ध की परिभाषा क्या होनी चाहिए? क्या कोई माई का लाल हमारी सरकार को ये समझा सकता है? देश के सामने आज यही सवाल खड़ा है। हम युद्धरत हैं। हमारी…
इन दिनों हिंदी अख़बारों में सामूहिक ब्लंडर की बड़ी चर्चा है। मोहल्ला लाइव पर आबकारी बिल के तथ्यों को किस तरह तोड़ मरोड़ कर हिंदी अख़बारों ने पेश किया है।…
दर्शक जब हिंसा देखता है तो उसमें नकारात्मक भाव पैदा होते हैं। मन में सोचता है। आक्रामक एक्शन की कैद में होता है। ऐसी अवस्था में हथियार, प्रतीक या नाम…
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